उद्योगपति हर्ष गोयनका के 'गोल पापड़ जीएसटी मुक्त है और चौकोर पापड़ नहीं' वाले ट्वीट पर अब कर निकाय सीबीआईसी ने सफाई दी है। सीबीआईसी ने गोयनका के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि पापड़ किसी भी आकार का हो उसे जीएसटी से मुक्त रखा गया है। यह नोटिफिकेशन हमारे वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
जानिए क्या है मामला
दरअसल, उद्योगपति हर्ष गोयनका ने मंगलवार को एक ट्वीट कर कहा था कि, 'क्या आप जानते हैं कि गोल पापड़ को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि चौकोर पापड़ पर जीएसटी लगता है' क्या कोई किसी अच्छे चार्टर्ड एकाउंटेंट का नाम सुझा सकता है जिससे मैं इसका तर्क समझ सकूं'
सीबीआईसी(CBIC) ने दिया ये जवाब
हर्ष गोयनका के ट्वीट पर जवाब देते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज ऐंड कस्टम्स (CBIC) ने कहा कि 'पापड़ चाहे किसी भी आकार में क्यों न हो उसे नोटिफिकेशन संख्या 2/2017-CT(R) के तहत जीएसटी से मुक्त रखा गया है। यह नोटिफिकेशन हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।'
गुजरात अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग्स ने भी सुनाया था फैसला
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही गुजरात के अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग्स (GAAR) ने भी अपने एक आदेश में यह साफ किया था कि पापड़ चाहे किसी भी आकार और रूप में हो, उस पर जीएसटी नहीं लगेगा।
लस्सी पर भी था जीएसटी विवाद
इसके अलावा लस्सी के मामले में भी गुजरात की एडवांस रूलिंग अथॉरिटी (एएआर) ने फैसला सुनाया था कि लस्सी पर माल और सेवा कर (GST) नहीं लगेगा। लेकिन फ्लेवर्ड मिल्क पर ग्राहकों से 12 फीसदी का टैक्स वसूला जाएगा। दरअसल वलसाड स्थित निर्माता और आपूर्तिकर्ता संपूर्ण डेयरी एंड एग्रोटेक ने लस्सी पर लागू जीएसटी की दर को लेकर एएआर-गुजरात से संपर्क किया था। अब कंपनी की दूध के उत्पादों पर लगने वाले टैक्स की कनफ्यूजन दूर हुई है।
जानिए क्या है जीएसटी
वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी को जुलाई 2017 में लागू किया गया था और इस व्यवस्था के तहत सभी केंद्रीय उत्पाद शुल्क और स्थानीय शुल्कों को समाहित कर दिया गया था। जीएसटी वस्तुओं और सेवाओं की खपत आधारित कर है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ने उत्पाद शुल्क, सेवा कर, अधिभार और उपकर, बिक्री कर, राज्य मूल्य वर्धित कर (वैट) और अन्य करों को एक ही कर से बदल दिया।