मणिपुर में दो किशोर छात्रों के अपहरण के बाद हत्या के मामले में गुवाहाटी कोर्ट में सुनवाई हुई। सोमवार को गुवाहाटी की एक विशेष अदालत ने पकड़े गए चार आरोपियों को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा दिया है।
दोनों छह जुलाई को लापता हो गए थे। 25 सितम्बर को दोनों किशोर छात्रों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गई थी। जिसके बाद से मणिपुर में कई छात्रों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया। हालात यह बन गए थे कि मणिपुर सरकार को इंटरनेट सेवा को प्रतिबंध करना पड़ा था।
सीबीआई ने 23 अगस्त को दर्ज किए गए मामलों में रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को गुवाहाटी में एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। पेशी के दौरान कहा गया कि प्रथम दृष्टया आरोपियों को पांच दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी।
साथ ही कोर्ट ने कामरूप जिले के जिला बाल कल्याण अधिकारी को एक आरोपी की दो नाबालिग बच्चियों के देखभाल करने के आदेश दिए हैं। हालांकि उन्हें सुरक्षा कारणों से गुवाहाटी लाया गया था। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पर्याप्त महिला अधिकारियों को तैनात किया था और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई। दो किशोर छात्रों के अपहरण मामले में 8 जुलाई और 19 जुलाई को इंफाल पुलिस और लाम्फेल पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
दो किशोर छात्रों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सीबीआई के विशेष निदेशक अजय भटनागर के नेतृत्व में एक टीम 27 सितंबर को मणिपुर पहुंची। 28 सितंबर की रात भीड़ ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के पैतृक घर पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया था। साथ ही इंफाल पश्चिम जिले में डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की थी।
मणिपुर के आदिवासी समूह ने अनिश्चितकालीन बंद की धमकी दी
इस बीच मणिपुर के कांगपोकपी स्थित आदिवासी संगठन ‘कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी’ (सीओटीयू) ने सोमवार को धमकी दी कि अगर केंद्र पिछले तीन दिन में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा करने में विफल रहा तो जिले में अनिश्चितकालीन बंद शुरू किया जाएगा।
48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
दो मणिपुरी छात्रों की हत्या के सिलसिले में सीबीआई द्वारा चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की निंदा करते हुए सीओटीयू ने कहा कि कमेटी केंद्रीय गृह मंत्रालय को 48 घंटे का अल्टीमेटम देती है कि वह केंद्रीय एजेंसियों को गिरफ्तार सभी आदिवासियों को तुरंत रिहा करने और मैतेई अपराधियों की जांच शुरू करने का निर्देश दे।
आईटीएलएफ ने भी किया एलान
सीओटीयू का अल्टीमेटम मणिपुर के दक्षिणी जिले चुराचांदपुर आधारित इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) द्वारा अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद आया है।