Vadodara Bridge: महिसागर नदी में पुराने पुल के गिरने और 20 लोगों की मौत के बाद गुजरात सरकार ने उसी स्थान के पास दो लेन का नया ऊंचा पुल बनाने की मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए 212 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और 18 महीनों में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुराने पुल के गिरने से मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुजरात सरकार ने महिसागर नदी में पुल गिरने की घटना के चार दिन बाद उस स्थान के पास एक नया दो लेन का ऊंचा पुल बनाने की मंजूरी दे दी। इस परियोजना के लिए 212 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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अधिकारियों ने बताया कि आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले चालीस साल पुराने पुल का एक हिस्सा नौ जुलाई को गिर ढह गया था। यह पुल गंभीरा गांव के पास बना था। इस हादसे के काण कई वाहन भी महिसागर नदी में गिर गए थे। शुक्रवार तक मृतकों की संख्या 20 पहुंच चुकी थी, जबकि एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है। यह पुराना पुल मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण मार्ग था।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाले मुझपुर के पास एक नए पुल के निर्माण के लिए सड़क एवं आवास विभाग को प्रशासनिक मंजूरी दी। सरकार ने 18 महीनों में नया पुल बनाकर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।
विज्ञप्ति में कहा गया, सड़क एवं आवास विभाग ने हाल ही में एक सर्वेक्षण के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की थी। पुराने पुल के गिरने से मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच संपर्क टूट गया और स्थानीय यात्रियों और छात्रों को बड़ी परेशानी हुई। इसी कारण मुख्यमंत्री ने तुरंत इस नई परियोजना को मंजूरी दी।
सड़क एवं आवास विभाग के अधीक्षण अभियंता एनवी राठवा ने बताया कि मुझपुर के दो लेन वाले पहुंच मार्ग को चार लेन में बदला जाएगा और इसकी चौड़ाई सात मीटर की जाएगी। इसके अलावा राजमार्ग से पुल तक का 4.2 किलोमीटर लंबा हिस्सा भी चार लेन का किया जाएगा। उन्होंने बताया, मुख्यमंत्री ने इन सभी कार्यों के लिए 212 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
इसी बीच, अधिकारियों ने बताया कि महिसागर नदी में लापता व्यक्ति की तलाश रविवार को पांचवें दिन भी जारी रही। बचाव दल रबर की नावों और अन्य जरूरी उपकरणों की मदद से खोज अभियान चला रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नदी से कुछ छोटे वाहनों का मलबा बाहर निकाला गया है।