प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सामान्य केंद्रीय सचिवालय (सीसीएस) की पहली इमारत का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरकार ने सीसीएस की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 700 से अधिक नए कर्मियों की तैनाती को मंजूरी है।
आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि सीसीएस की सभी 10 इमारतों की सुरक्षा सीआईएसएफ की केंद्रीय सरकार भवन सुरक्षा (सीजीबीएस) इकाई करेगी, जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत है। यह इकाई राष्ट्रीय राजधानी में सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की सुरक्षा करती है।
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गृह मंत्रालय ने हाल ही में सीजीबीएस इकाई के लिए कुल 735 अतिरिक्त कर्मियों को मंजूरी दी है, ताकि वे सीसीएस की इमारत संख्या 1, 2 और 3 की सुरक्षा कर सकें। सूत्रों के अनुसार, जैसे-जैसे और सीसीएस इमारतें पूरी होंगी, इस इकाई को और कर्मियों की मंजूरी दी जाएगी।
नई मंजूरी से सीजीबीएस इकाई के कर्मियों की संख्या लगभग 5,000 हो जाएगी। इसके साथ ही, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के तालकटोरा स्टेडियम स्थित विस्तारित कार्यालय और चाणक्यपुरी में सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा के लिए लगभग 200 और कर्मियों की तैनाती को मंजूरी मिली है।
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बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया, जो प्रस्तावित 10 सीसीएस इमारतों में से पहली है। ये इमारतें सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कार्यालयों को एक ही जगह पर लाने का काम करेंगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को एक छत के नीचे लाने के लिए बनाई गई है, ताकि कार्यकुशलता बढ़ सके।
कर्तव्य भवन-03 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), सार्वजनिक प्रशासन विभाग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय शामिल है। सीसीएस की इमारत संख्या 1 और 2 अगले महीने तक पूरी हो जाएंगी, जबकि संख्या 10 का निर्माण अगले साल अप्रैल तक पूरा होगा। सीसीएस की इमारत संख्या 6 और 7 अक्तूबर 2026 तक पूरी होने की योजना है।