biological e corbevax for child
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भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण के एक विशेषज्ञ पैनल ने पांच से 11 साल के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 वैक्सीन कॉर्बेवैक्स की आपातकालीन उपयोग मंजूरी देने की सिफारिश की है। सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने हालांकि भारत बायोटेक से दो से 11 वर्ष की आयु के लोगों के बीच कोवैक्सिन के उपयोग के लिए अपने आपातकालीन उपयोग मंजूरी (ईयूए) आवेदन की समीक्षा करने के लिए अधिक डेटा मांगा है।
12 से 14 वर्ष के बच्चों को दिया जा रहा है कोर्बेवैक्स
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने पिछले साल 28 दिसंबर को वयस्कों में आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए और इस साल 9 मार्च को कुछ शर्तों के तहत 12 से 17 वर्ष की आयु वर्ग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी दी थी। बायोलॉजिकल ई के कोर्बेवैक्स का उपयोग 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। 24 दिसंबर 2021 को 12 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के लिए डीसीजीआई द्वारा कोवाक्सिन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल किया गया था।
एक सूत्र ने कहा कि बायोलॉजिकल-ई के ईयूए आवेदन पर विचार-विमर्श करने वाली सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने पांच से 11 वर्ष की आयु में कॉर्बेवैक्स के उपयोग के लिए आपातकालीन उपयोग मंजूरी देने की सिफारिश की है। बता दें कि भारत ने 16 मार्च को 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया है।
टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था
देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण पिछले साल 2 फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड 19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए पहले से बीमार लोगों के लिए शुरू हुआ था।
भारत ने पिछले साल 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया था। इसके बाद सरकार ने पिछले साल 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वायरल बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया था। टीकाकरण का अगला चरण 3 जनवरी को 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ था। भारत ने 10 जनवरी से हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष व उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया है।