पूरी दुनिया में गेहूं की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन पर्याप्त भंडार के चलते भारत में वह बड़े स्तर पर स्थिर रही हैं। मार्च 2021 में गेहूं की कीमत 27.90 रुपये प्रति किलो थी जो मार्च 2022 में 28.67 रुपये jरही।
भारत का गेहूं भंडार उल्लेखनीय रूप से रणनीतिक और ऑपरेशनल जरूरतों से अधिक है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के चलते पूरी दुनिया में कीमतें बढ़ने के बाद भी देश में इसके दाम स्थिर बने हुए हैं।
विज्ञापन
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं का ओपनिंग स्टॉर 190 लाख मीट्रिक टन है। वहीं, इस साल 270 लाख मीट्रिक टन खरीद होने की संभावना है। इस हिसाब से पूरा स्टॉक 460 लाख मीट्रिक टन हो जाता है।
सूत्रों ने कहा कि वर्ष 2022-23 के लिए सभी वेलफेयर योजनाओं के तहत आपूर्ति करने के बाद सरकार 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का संतुलित स्टॉक रख सकती है। इस साल भारत में कुल 1050 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है।
विज्ञापन
इस साल मार्च 2022 तक भारत 70 लाख मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात कर चुका है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में आपूर्ति की कमी होने की वजह से इस साल निर्यात पहले से अधिक रहने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि केंद्र के अनवरत प्रयासों की वजह से इजिप्ट समेत अधिकतर देशों ने भारत को बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई है। गेहूं की बढ़ती मांग को देखते हुए यह भारत के लिए गेहूं निर्यात बाजार में स्थायी जगह बनाने में मदद करेगा। इससे देश में किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
बता दें कि पूरी दुनिया में गेहूं की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन पर्याप्त भंडार के चलते भारत में वह बड़े स्तर पर स्थिर रही हैं। मार्च 2021 में गेहूं की कीमत 27.90 रुपये प्रति किलो थी जो मार्च 2022 में 28.67 रुपये रही। आटा की थोक कीमत मार्च 2021 में 31.77 रुपये प्रति किलो थी जो मार्च 2022 में 32.03 रुपये किलो रही।