एसओपी के मुताबिक, इसके साथ ही उन अस्पतालों के लिए जो टीकाकरण अभियान में शामिल होने की योजना बना रहे हैं और जिनका पहले से वैक्सीन की खपत का रिकॉर्ड नहीं है। उनके लिए उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के आधार पर वैक्सीन की अधिकतम सीमा तय की जाएगी। 50 बिस्तरों वाला एक अस्पताल अधिकतम 3,000 खुराक का आदेश दे सकता है, जबकि 50-300 बिस्तरों वाला अस्पताल 6,000 खुराक तक और 300 बिस्तरों वाला अस्पताल 10,000 खुराक तक का आदेश दे सकता है।
सरकारी प्राधिकरण से नहीं लेनी होगी मंजूरी
एसओपी में कहा गया कि निजी टीकाकरण केंद्र एक महीने में चार किस्तों में वैक्सीन का ऑर्डर दे सकते हैं। कोरोना वैक्सीन खरीद के लिए किसी भी सरकारी प्राधिकरण से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। कोविन पर खरीद आदेश को सफलतापूर्वक प्रस्तुत करना ही पर्याप्त होगा। एक बार डिमांड प्रस्तुत करने के बाद निर्माताओं को देने से पहले जिले और राज्य-वार संख्याओं को कोविन एकत्रित करेगा। निजी केंद्रों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण पोर्टल पर वैक्सीन के लिए भुगतान करना होगा। इससे पहले नियम यह था कि 25 फीसदी वैक्सीन निजी अस्पताल सीधे निर्माताओं से खरीद सकते थे और 75 फीसदी केंद्र अपने हिस्से में रखता था।