किसानों की नाराजगी को थामने में जुटी केंद्र सरकार ने यूरिया के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि यूरिया के दाम नहीं बढ़ने देंगे। अपने मंत्रालय के तीन साल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कुमार ने कहा कि किसानों की सहूलियत का ख्याल रखते हुए सरकार यूरिया के छोटे बैग मुहैया कराने पर विचार कर रही है। हालांकि यह छोटे बैग किसानों को कब से मुहैया होंगे यह अभी तय नहीं है।
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा- यूरिया के दाम नहीं बढ़ने देंगे
अनंत कुमार ने बताया कि यह प्रस्ताव अभी विचार में है। वर्तमान में किसानों को यूरिया 50 किलो के बैग में हासिल होती है। सरकार का प्रयास बैग के आकार को छोटा कर 45 किलो करने का है। सरकार की दलील है कि इस कवायद से यूरिया की बचत होगी। किसान अपने फसल में यूरीया की मात्रा तौल कर नहीं डालते हैं। बैग में यूरिया की मात्रा कम करने से इसकी बचत होगी।
6000 से 7000 करोड़ के बचत की उम्मीद
यूरिया बैग के आकार को कम करने की कवायद को सरकार बेशक किसानों की सहूलियत करार दे रही है। मगर मंत्रालय सूत्रों की मानें तो यूरिया के बैग का आकार कम करने से सरकार को सालाना 6000 से 7000 करोड़ रूपए की बचत होगी। सरकार के सब्सिडी की रकम बचेगी। वैसे केंद्र की मोदी सरकार ने देश को यूरिया उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया है। इस प्रयास में पुराने कारखानों को शुरू करने के साथ नए कारखानों की भी शुरूआत हुई है।
गोरखपुर में 2022 तक शुरू हो जाएगा यूरिया का उत्पादन
अनंत कुमार के अनुसार गोरखपुर में निर्माणाधीन फैक्ट्री में यूरिया का उत्पादन वर्ष 2022 से शुरू हो जाएगा। पिछले वर्ष यूपी विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पीएम मोदी ने गोरखपुर के यूरिया कारखाने की नींव रखी थी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस कारखाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अन्य राज्यों में बन रहे यूरिया कारखानों के निर्माण में भी कार्य तेज गति से चल रहा है। कुमार के अनुसार सरकार के नीम कोटेड यूरिया की पहल जमीन पर रंग ला रही है। उन्होंने बताया कि इससे यूरिया की खपत में तो कमी आई ही है साथ में किसानों को खेती की लागत में कमी आई है। इससे उनका मुनाफा बढ़ेगा।