अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन(एएनआरएफ) के गठन को सरकार ने अधिसूचित किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग(डीएसटी) के सचिव अभय करंदीकर को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन(एएनआरएफ) का अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि एएनआरएप के गठन की अधिसूचना सोमवार को जारी की गई थी। अभय करंदीकर ने कहा कि एएनआरएफ का उद्देश्य उ अनुसंधान और विकास फंडिंग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह कई विषय के रिसर्च को बढ़ावा देगा, जिसका लक्ष्य भारत को विकसित करना है।
नए अनुसंधानों को एएनआरएफ देगा बढ़ावा
एएनआरएफ भारत के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और अनुसंधान और विकास(आर एण्ड डी) प्रयोगशालाओं में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। गौरतलब है कि एएनआरएफ की स्थापना का विधेयक पिछले साल अगस्त में मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था। बता दें राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन(एएनआरएफ) गणितीय विज्ञान, इंजीनिरिंग और प्रौद्योगिकी, कृषि समेत प्राकृतिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए एक उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने वाला एक कदम है।
अनुसंधान के क्षेत्र के लिए अच्छी खबर- जितेंद्र सिंह
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि एएनआरएफ अधिनियम का लागू होना वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स के लिए एक बेहद अच्छी खबर हैं। आजादी के बाद पहली बार पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में अब अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन है।