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अब निजी एफएम रेडियो पर भी सुन सकेंगे आकाशवाणी के समाचार, आरजे बोले हमारे लिए भी नया अनुभव

Sat, 13 Feb 2021 05:36 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एफएम चैनलों को इसके लिए किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। वे मुफ्त में समाचार साझाकरण योजना के तहत ऑल इंडिया रेडियो के समाचार इस्तेमाल कर पाएंगे...
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FM channel Radio Jockey - फोटो : Amar Ujala (File Photo)
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विस्तार
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विश्व रेडियो दिवस के मौके पर केंद्र सरकार रेडियो श्रोताओं के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत करने जा रही हैं। अब निजी एफएम रेडियो के आरजे भी श्रोताओं को आकाशवाणी के समाचार अपने अंदाज में सुना सकेंगे। हालांकि इन एफएम स्टेशनों को सरकार की तरफ से तय की गईं कुछ शर्तों का पालन भी करना पड़ेगा।

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अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, अब आकाशवाणी के न्यूज बुलेटिन को उसी रूप में री-ब्रॉडकॉस्ट करने वाले एफएम अब न्यूज बुलेटिन को अपने रेडियो जॉकी के जरिए पेश कर सकेंगे। निजी एफएम कंपनियों को केवल ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी ) द्वारा प्रसारित समाचारों का बिना किसी संपादन के प्रसारित करना होगा। आकाशवाणाी बुलेटिन के अतिरिक्त उन्हें किसी अन्य समाचार कटेंट को ऑन एयर करने की इज़ाज़त नहीं होगी।

एफएम चैनल हिंदी या अंग्रेजी भाषा में समाचारों का प्रसारण कर सकेंगे। ये एफएम चैनलों का फैसला होगा कि उन्हें कौन सी भाषा को प्राथमिकता देना है। लेकिन उन्हें समाचारों के कंटेंट में किसी भी तरह के बदलाव करने की इजाजत नहीं होगी। आरजे अपने अंदाज और शैली में समाचारों की प्रस्तुती जरूर कर सकेंगे। एफएम चैनलों को इसके लिए किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। वे मुफ्त में समाचार साझाकरण योजना के तहत ऑल इंडिया रेडियो के समाचार इस्तेमाल कर पाएंगे।
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मध्यप्रदेश इंदौर के 94.3 माय एफएम के रेडियो जॉकी नवनीत दुबे ने अमर उजाला से कहा, सरकार के इस फैसले का हमें बहुत वर्षों से इंतजार था। इससे एफएम का दायरा भी बढ़ेगा। कोरोनाकाल के दौरान रेडियो इंडस्ट्री ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। लोगों को फेक न्यूज से बचाया और सही खबरों से अवगत करवाया। एक सकारात्मकता का माहौल तैयार किया। सरकार ये जिम्मेदारी हमें सौंप रही है, तो हम सभी रेडियो इंडस्ट्री के लोग बहुत ही शिद्दत से इसे निभाएंगे। आज हर आरजे का अपना एक स्टाइल होता है। वह अपने अंदाज और शैली में इन समाचारों को कैसे प्रस्तुत करेगा वह सुनना भी बहुत रोमांचक होगा।

रेडियो जॉकी अंजली ने अमर उजाला से कहा, बहुत पहले से हमें सरकार के इस फैसले का इंतजार था, लेकिन देर आए दुरस्त आए। विश्व रेडियो दिवस के मौके पर हमें अच्छी खुशी मिली है। हम अपने श्रोताओं को कुछ नया देने का भरपूर प्रयास करेंगे।

एआईआर की एफएम गोल्ड दिल्ली की आरजे नीति शुक्ला ने अमर उजाला को बताया कि, ये बहुत ही अच्छा कदम है। कई दिनों से हम सरकार के इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। कम समय में कितने अच्छे से तरीके से समाचारों को प्रस्तुत किया जा सकता है ये आरजे इसकी कला अच्छे से जानते हैं।

गौरतलब है, कोरोनाकाल के दौरान सभी निजी एफएम चैनलों ने लोगों को जागरूक करने के कई कार्यक्रम चलाए। जिससे प्रभावित होकर केंद्र सरकार ने निजी एफएम चैनल को समाचार सुनने की इजाजत दी है।

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