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जन्मदिन विशेष: गूगल ने डूडल बनाकर डॉ. कादंबिनी गांगुली को किया याद, जानें इस महिला ने कैसे रचा था इतिहास

Sun, 18 Jul 2021 08:46 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कादंबिनी गांगुली व उनकी एक साथी चंद्रमुखी बसुइन वर्ष 1883 में भारतीय इतिहास में स्नातक करने वाली पहली महिला बनीं। स्नातक की डिग्री मिलने के बाद गांगुली ने प्रोफेसर और कार्यकर्ता द्वारकानाथ गांगुली से शादी कर ली। उनके पति ने उन्हें मेडिकल में डिग्री प्राप्त करने के लिए काफी प्रोत्साहन दिया था।
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गूगल डूडल डॉ. कादंबिनी गांगुली - फोटो : गूगल डूडल
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विस्तार
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गूगल हर खास मौके पर कोई न कोई डूडल तो जरूर बनाता है। किसी व्यक्ति विशेष का जन्मदिन हो या फिर कोई खास अवसर, गूगल अपने डूडल के जरिये लोगों कोई न कोई संदेश भी देता रहता है। इसी कड़ी में आज यानी रविवार (18 जुलाई) को गूगल ने भारत में चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित होने वाली पहली महिला कादंबिनी गांगुली को उनके 160वें जन्मदिन पर याद किया और उनके सम्मान में एक डूडल बनाया है। 

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स्वतंत्रता सेनानी भी थीं गांगुली
खास बात है कि इस डूडल का चित्रण बंगलूरू के कलाकार ओड्रिजा ने किया है। उल्लेखनीय है कि डॉ. कादंबिनी गांगुली एक चिकित्सक होने के अलावा महिला मुक्ति के लिए एक मुखर कार्यकर्ता और एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। उनका जन्म 18 जुलाई 1861 को भागलपुर ब्रिटिश भारत (अब बांग्लादेश) में हुआ था।

1883 में रचा इतिहास
डॉ. गांगुली के पिता भारत के पहले महिला अधिकार संगठन के सह-संस्थापक थे, जिन्होंने गांगुली को तब स्कूल भेजा जब भारतीय समाज में महिलाओं की शिक्षा को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। वर्ष 1883 में गांगुली और उनकी साथी चंद्रमुखी बसुइन भारतीय इतिहास में स्नातक करने वाली पहली महिला बनीं। इसके बाद उन्होंने प्रोफेसर और कार्यकर्ता द्वारकानाथ गांगुली से शादी कर ली। उनके पति ने उन्हें मेडिकल में डिग्री प्राप्त करने के लिए काफी प्रोत्साहन दिया था।
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1890 में लौटीं भारत 
कादंबिनी गांगुली वर्ष 1884 में कोलकाता मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाली पहली महिला बनीं। 1886 में उन्होंने अपनी चिकित्सा की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे भारतीय-शिक्षित डॉक्टर बनने वाली पहली महिला बन गईं। यूनाइटेड किंगडम में काम करने और अध्ययन करने के बाद उन्होंने स्त्री रोग में विशेषज्ञता के साथ तीन अतिरिक्त डॉक्टरेट प्रमाणपत्र प्राप्त किए और 1890 के दशक में अपनी निजी प्रैक्टिस खोलने के लिए भारत लौट आईं। बताते चलें कि डॉ. गांगुली के जीवन पर आधारित बॉयोग्राफी 'प्रोथोमा कादंबिनी' वर्ष 2020 में टेलीविजन सीरीज के रूप में दर्शाई गई, जिससे आज के युवाओं को काफी प्रेरणा मिलती है। तीन अक्टूबर 1923 को कोलकाता में डॉ. गांगुली का देहांत हो गया।

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