केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर से 769 सोने के बर्तन गायब हो गए हैं। इन गायब बर्तनों की कीमत लगभग 186 करोड़ रुपए है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय ने मंदिर का ऑडिट किया था। ऑडिट में बर्तनों के गायब होने का पता चला।
कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में राय ने कहा है कि इस मामले की विस्तृत जांच किए जाने की जरूरत है। जांच में पाया गया कि 776 किलो वजन के सोने के बर्तन गायब हैं। सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि मंदिर में मौजूद हर सामग्री जैसे बर्तनों और पात्रों के लिए सीरियल नंबर दिए गए हैं।
आंकड़ों के हिसाब से मंदिर में पत्थर क बने लॉकर में लगभग 1988 सोने के बर्तन होने चाहिए थे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जांच में पता चला कि 822 सोने के बर्तनों को गलाकर आभूषण का निर्माण किया गया, उसके बाद करीब 1166 सोने के बर्तन मंदिर में होने चाहिए थे। लेकिन विशेषज्ञों ने जांच के बाद पाया कि मंदिर में सिर्फ 397 बर्तन ही शेष हैं।
रिपोर्ट में आगे लिखते हैं कि 776 किलो के लगभग 769 सोने के बर्तन कम हैं, जिनकी कीमत लगभग 186 करोड़ रुपए है। जिसकी जांच किए जाने की आवश्यकता है। विनोद राय ने जांच की शुरुआत तब की जब सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल सुब्रमण्यम को एमिकस क्यूरी बनाया।
मंदिर एक ट्रस्ट की देखरेख में काम करता है। यह ट्रस्ट त्रावणकोर महाराज के वंशज चलाते हैं। श्री पद्मनाभन स्वामी मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से है। इस मंदिर में मौजूद सोने, चांदी और हीरे की कीमत एक लाख करोड़ रुपए बताई जाती है।