अमर उजाला के इस सवाल पर कि गोवा अपनी आर्थिक गतिविधियों, विशेषकर टूरिज्म, को पटरी पर लाने के लिए कितना तैयार है, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में पर्यटन मंत्री का कार्यभार संभाल चुके सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि कोरोना का खतरा खत्म होते ही गोवा आर्थिक पटरी पर तेजी से दौड़ना शुरू कर देगा।
उन्होंने कहा कि हम पूरी दुनिया में गोवा को सबसे पहले कोरोना मुक्त होने की बात कहकर प्रचारित करेंगे और पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशी टूरिस्ट भारी संख्या में जल्दी ही गोवा का रुख करेंगे।
सत्यपाल मलिक ने बताया कि उनके राज्य में किसी भी राज्य के मजदूर को कोई दिक्कत नहीं होने दी गई। हर राज्य के मजदूरों का पूरा ख्याल रखा गया और सरकार ने उन्हें पूरी सुविधा और सुरक्षा मुहैया करायी।
यही कारण है कि गोवा देश के उन चंद राज्यों में है जहां फार्मा की गतिविधियां कोरोना काल में भी जारी रहीं। यहां मजदूरों की कमी नहीं होने पाई।
राज्य के संवैधानिक प्रमुख सत्यपाल मलिक ने बताया कि गोवा को कोरोना मुक्त कराने में केंद्र के सहयोग के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अधिकारियों और सबसे बढ़कर जनता का पूरा सहयोग मिला जिसके कारण इस मुकाम तक पहुंचा जा सका।
उन्होंने कहा कि हमने मुख्य सड़कों को ही नहीं, छोटी गलियों और पगडंडियों तक को रोकने में सफलता पाई।
देश के अनेक हिस्सों में कोरोना की जांच करने गए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने की अभद्र घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा बलों के साथ भी अनेक जगहों पर हिंसक मारपीट हुई है। लेकिन गोवा में इस तरह की कोई घटना नहीं घटी है।
सत्यपाल मलिक ने बताया कि हिंसा गोवा के लोगों के स्वभाव में नहीं है। लोग सड़कों पर झगड़ते हुए या ऊंची आवाज में बोलते हुए भी नहीं देखे जाते हैं। उनके इसी स्वभाव का ही परिणाम हुआ है कि गोवा कोरोना की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ सका और कोरोना मुक्त हो सका।