गोवा कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोडनकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 24 फरवरी, 2022 के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के उस आदेश को बरकरार रखा था। विधानसभा अध्यक्ष ने 2017 में कांग्रेस के 10 सदस्यों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया था। ये कांग्रेस विधायक भाजपा के पाले में चले गए थे।
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सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका(एसएलपी) में चोडनकर ने यह तर्क दिया गया है कि इस मामले में शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले से राजनीतिक अराजकता होगी और दलबदल की बुराइयों को बढ़ावा मिलेगा जो कि संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के मकसद के खिलाफ है।
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल, 2021 के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखकर गंभीर त्रुटि की है। हाईकोर्ट ने इस आधार पर निर्णय लिया कि ये विधायक पार्टी का दो-तिहाई हिस्सा हैं और किसी अन्य पार्टी के साथ उनका विलय हो गया।