चिकित्सा विज्ञान संस्थान बीएचयू में धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की पिटाई को लेकर बीएचयू में हंगामा हो गया। मंगलवार को बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा साइंस (बीएनवाईएस) के 50 से अधिक छात्र-छात्राएं अपने कोर्स को राजीव गांधी दक्षिणी परिसर से मुख्य परिसर में शिफ्ट करने की मांग लेकर दोपहर से धरना दे रहे थे।
देर शाम को बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को तो खदेड़ दिया लेकिन छात्राएं हटने को तैयार नहीं थी। छात्राओं को हटाने के दौरान सुरक्षाकर्मियों की छात्राओं से धक्कामुक्की हो गई। छात्राओं का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घसीट कर धरनास्थल से हटाने की कोशिश की।
धक्कामुक्की में प्रियंका राय, वंदना, ललिता, अपर्णा, एकता और ऋचा घायल हो गईं। छात्राओं ने बताया कि वंदना विकलांग है। बावजूद इसके उसका हाथ पकड़कर भी घसीटा गया। उन्हें बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। इसके अलावा कुछ छात्राओं ने ये भी आरोप लगाया है कि एक महिला प्राक्टर ने उन्हें धमकी भी दी है।
उधर, छात्रों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें लाठियां मारकर वहां से भगा दिया। रात करीब साढ़े नौ बजे बीएचयू प्रशासन ने छात्र-छात्राओं को समझा कर दक्षिणी परिसर भेजा।
धक्कामुक्की में घायल हुई छह छात्राएं अस्पताल में भर्ती
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
बता दें कि आयुर्वेद संकाय के अंतर्गत बीएनवाईएस कोर्स राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में संचालित है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि दक्षिणी परिसर में इस पाठ्यक्रम के अनुरूप न संसाधन है और ना ही सुविधाएं। महीने-महीने भर तक कक्षाएं नहीं चलती हैं। वहां अस्पताल की सुविधा भी नहीं है।
इन समस्याओं को लेकर ये छात्र सोमवार को दक्षिणी परिसर में भी धरने पर थे। कोई समाधान ना होता देख मंगलवार को वे मुख्य परिसर में धरना देने पहुंच गए थे। यहां आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने उन्हें दक्षिणी परिसर में फैकल्टी व दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया लेकिन छात्र-छात्राएं लिखित आश्वासन की मांग करते हुए धरना देते रहे। देर शाम तक धरना जारी रहने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक हटाने की कोशिश की।
छात्र-छात्राओं की मांगों के अनुसार दक्षिणी परिसर में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बावजूद इसके वे धरने पर बैठे थे। उन्हें वापस दक्षिणी परिसर जाने के लिए कहा गया था। पिटाई का आरोप गलत है।
- प्रो. वीके शुक्ला, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
धरना दे रहे छात्रों को आईएमएस से हटाया गया है। उनकी कोई पिटाई नहीं हुई है।
- प्रो. सत्येंद्र सिंह, चीफ प्राक्टर, आईएमएस बीएचयू
छात्र-छात्राओं से मारपीट या अभद्रता नहीं की गई है। उनकी मांग मानते हुए दक्षिणी परिसर में उनके शैक्षणिक व शोध की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रही बात कोर्स को शिफ्ट करने की, यह तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
- डॉ. राजेश सिंह, एपीआरओ, बीएचयू