मास्क के संभावित बड़े कचरे से निबटने के लिए पूर्वी दिल्ली नगर निगम भी विशेष योजना बना रहा है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्टैंडिंग समिति के चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि उनके निगम क्षेत्र के 64 वार्ड्स में 364 टिप्पर चलते हैं। कोरोना पॉजिटिव लोगों के घरों से विशेष स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट्स में कूड़ा उठा रहे हैं। लेकिन अब मास्क जैसे कूड़े को इकट्ठा करने के लिए विशेष पीले रंग के बैग की व्यवस्था की जा रही है। इनमें लोगों को बायोलोजिकल वेस्ट डालने के लिए प्रेरित किया जायेगा। दिन के अंत में इन्हें बायोलोजिकल वेस्ट की विधि से निस्तारित किया जायेगा।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम में इस समय 16579 सफाई कर्मी हैं। लेकिन इनमें 13-14 हजार कर्मियों से ही निगम को सफाई का काम करना पड़ रहा है। एक जून को भी केवल 13852 सफाईकर्मियों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनके माध्यम से निगम रोजाना लगभग 2341 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करता है। हर विधानसभा क्षेत्र से एक वाहन बायोलोजिकल वेस्ट को रोजाना स्वामी दयानन्द अस्पताल पहुंचाता है जहां इनका विज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है। मास्क को इकट्ठा करने की रणनीति के बाद उसे भी यहीं पर निस्तारित किया जायेगा जिससे उस कूड़े के जरिये किसी अन्य को संक्रमण न हो।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के चेयरमैन भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि उनके क्षेत्र में औसतन 2200 मीट्रिक टन कचरा रोज उठाया जाता है। लगभग 19 हजार कर्मचारी क्षेत्र से कूड़ा एकत्र करते हैं। इसके लिए लगभग 1500 प्राइवेट लोगों को भी जिम्मेदारी दी जाती है। मास्क के कचरे को भी बायोलोजिकल वेस्ट के तरीके से निस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है।