मुंबई पुलिस ने रविवार को गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला और एक पुलिस मुखबिर सलीम मेमन के खिलाफ मुंबई के एक कारोबारी से रंगदारी वसूलने और धमकी भरे कॉल के लिए मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला बिजनेसमैन अब्बास अली रतनशी की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वह अपने पूर्व साथी सैय्यद सलाउद्दीन के साथ वित्तीय विवाद में फंस गया था। मई 2019 में, जबरन वसूली के मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के सह आरोपी रियाज भाटी ने उन्हें फोन किया था और कारोबारी को अपने कार्यालय में बुलाकर अपने साथी के साथ मामले को निपटाने के लिए कहा था।
2019 में आए अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरे कॉल
इसके बाद कारोबारी रतनशी को जून और जुलाई 2019 में अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरे कॉल आए, जो गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला के थे। उसने कहा कि वह अपने साथी के साथ मामले को निपटाले और उससे लकड़ावाला ने सुरक्षा राशि के रूप में 5 करोड़ रुपये की मांग की। उसके बाद रतनशी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
सलीम महाराज ने उनका मोबाइल नंबर लकड़ावाला को दिया
रतनशी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि सलीम महाराज ने उनका मोबाइल नंबर लकड़ावाला को दिया था। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने दोनों पर आईपीसी की धारा 387 (जबरन वसूली) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया, उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है।
लकड़ावाला वसूली, हत्या के कई मामलों में वांछित
मुंबई पुलिस ने बताया कि आरोपी लकड़ावाला को जनवरी 2020 में पटना से मुंबई पुलिस के एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने गिरफ्तार किया था। सालों से फरार चल रहा आरोपी अपना गैंग बनाने से पहले भगोड़े गैंगस्टर दाऊद दाऊद के लिए काम करता था। वह कथित जबरन वसूली, हत्या के प्रयास और दंगा करने के कई मामलों में वांछित था।