वहीं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी इस घटना की आलोचना की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को एक हमला करार दिया। उन्होंने कहा, ऐसा केवल इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने (कपिल सिब्बल ने) ऐसे विचारों की बात की जो पार्टी नेतृत्व को पसंद नहीं हैं। वहीं, गुलाम नबी आजाद ने एक ट्वीट में कहा कि सिब्बल एक वफादार कांग्रेसी हैं जो पार्टी के लिए संसद के अंदर और बाहर भी लड़ रहे हैं। सुझावों का स्वागत होना चाहिए, गुंडागर्दी अस्वीकार्य है।
दूसरी ओर, आनंद शर्मा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा कि कपिल सिब्बल के घर पर हमले और गुंडागर्दी की खबर सुनकर स्तब्ध और निराश हूं। इस तरह की हरकतें पार्टी को बदनाम करती हैं और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता और हिंसा कांग्रेस के मूल्यों और संस्कृति से बिल्कुल अलग है। जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से संज्ञान लेने और कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह है।
वहीं, पंजाब से कांग्रेस सासंद मनीष तिवारी ने भी एक ट्वीट में इस घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा, जिन्होंने इस हमले की साजिश रची वो ये समझ लें कि सिब्बल पार्टी के लिए संसद के अंदर और बाहर, दोनों जगह लड़ाई लड़ते हैं। आपको उनके विचार अच्छे नहीं लग सकते हैं लेकिन इससे आपको हिंसा करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है। तिवारी के ट्वीट पर शशि थरूर ने लिखा कि यह शर्मनाक है। हम सब जानते हैं कि कपिल सिब्बल एक सच्चे कांग्रेसी नेता हैं।
थरूर ने कहा, एक लोकतांत्रिक राजनीतिक दल होने के नाते हमें यह सुनने की जरूरत है कि वह (कपिल सिब्बल) क्या कह रहे हैं। अगर आपको आपको उनकी बात अच्छी नहीं लगती है तो असहमति व्यक्त कीजिए, लेकिन इस तरह नहीं। हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि भाजपा को हराने के लिए हम खुद को मजबूत करें। इसके साथ ही कांग्रेस नेता विवेक तनखा ने भी कहा कि सिब्बल ने कई कांग्रेस सरकारों को बचाया है और पार्टी के हित लिए लड़ाई लड़ी है।
मालूम हो कि नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी में एक बार फिर घमासान शुरू गया है। पार्टी के हालात से खफा वरिष्ठ नेताओं के ग्रुप-23 के नेता भी सक्रिय हो गए हैं। सिब्बल ने बुधवार को गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब अध्यक्ष ही नहीं है तो फैसले कौन ले रहा है? उन्होंने मांग की थी कि पार्टी तत्काल कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाए ताकि इस पर खुलकर बात हो सके।
कपिल सिब्बल द्वारा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाने के कुछ घंटों के बाद ही कई कांग्रेस कार्यकर्ता सिब्बल के दिल्ली में जोरबाग स्थित घर के बाहर जमा हो गए थे। इस दौरान उन्होंने सिब्बल के घर पर टमाटर आदि फेंके और एक कार भी क्षतिग्रस्त कर दी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'गेट वेल सून कपिल सिब्बल' लिखी तख्तियां लहराईं। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान कपिल सिब्बल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सिब्बल से पार्टी छोड़ने की भी मांग की थी।