विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए वर्चुअल जी 20 शिखर सम्मेलन को लेकर अहम बातें साझा कीं। इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आज हुई चर्चा पर जानकारियां दीं। जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति नाटकीय रूप से बिगड़ गई है। इस्राइल और हमास की जंग ने हालात बदले हैं। इससे जल्द से जल्द बातचीत के जरिए सुलझाए जाने की जरूरत है। पश्चिमी एशिया में गाजा के साथ-साथ यूक्रेन मसले और इसके नतीजों पर भी चर्चा की गई।
सभी 21 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज का वर्चुअल जी 20 शिखर सम्मेलन संपन्न हो गया है। सभी 21 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया। चर्चाएं सार्थक व बहुत उपयोगी रहीं। सभी नेताओं ने भारत की जी-20 की अध्यक्षता के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी।'
शिखर सम्मेलन के बाद से भू-राजनीतिक विकास हुए
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के बाद से भू-राजनीतिक विकास हुए हैं। पश्चिम एशिया में स्थिति नाटकीय रूप से खराब हो गई है, जिसका क्षेत्र और दुनिया पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। दो-राज्य समाधान पर मैं कहूंगा कि कई देशों ने इसके बारे में स्पष्ट रूप से बात की है, लेकिन मैं कहूंगा कि हर किसी ने ऐसा नहीं किया। मैं यह नहीं कह सकता कि दो-राज्य समाधान पर आम सहमति थी।
कनाडा मसले पर जयशंकर ने कही यह बात
कनाडा मसले पर जयशंकर ने कहा कि हमने वीजा जारी करने को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, क्योंकि कनाडा में स्थिति ने हमारे राजनयिकों के लिए इसे मुश्किल बना दिया था। हालांकि, स्थिति अब ठीक हो रही है। हालात अब पहले ज्यादा सुरक्षित या अपेक्षाकृत बेहतर हैं। ऐसे हमने वीजा सेवाओं के लिए फिर से शुरू करने का फैसला किया है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गैर-मौजूदगी पर भी बोले
जी 20 वर्चुअल शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गैर-मौजूदगी पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह सभी देश खुद ही तय करते हैं। वे ही तय करते हैं कि उनका प्रतिनिधित्व कौन करता है। प्रधानमंत्री ली कियांग ने जी 20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में उनका प्रतिनिधित्व किया था। ऐसे में उन्होंने इस बार भी ऐसा ही किया। भारत की जी 20 की अध्यक्षता वैश्विक दक्षिण पर केंद्रित थी।
वित्त मंत्री ने कही यह बात
वर्चुअल जी 20 शिखर सम्मेलन पर वित्त मंत्री ने कहा कि आज जी 20 वित्त ट्रैक से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। पांच मुख्य एजेंडा बिंदुओं में से हर एक को दोहराया गया, जिस पर साल भर चर्चा हुई थी। उनका स्वागत किया गया। MDB सुधार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, क्रिप्टो संपत्ति, जलवायु वित्त और कल के शहरों के वित्तपोषण के लिए रोड मैप पर चर्चा हुई। कई एमडीबी पहले से ही नवीन वित्त जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ सहयोग करने के विकल्प तलाश रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट का स्वागत किया गया है। इसके कई पहलू पहले से ही निर्धारित हैं, बोर्ड प्रत्येक बैंक के लिए इसे अपना रहा है।