महंगे ईंधन के मुद्दे पर केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रावसाहब दानवे ने सोमवार को केंद्र का बचाव किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम का जिक्र करते हुए कहा कि इनके भाव अमेरिका में तय होते हैं, इसलिए सरकार को दोष देना ठीक नहीं है।
रावसाहब ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर एक्साइजड्यूटी घटा दी है, लेकिन महाराष्ट्र समेत अधिकांश गैर भाजपा शासित राज्यों ने तेल पर वैट नहीं घटाया है। इससे ग्राहक को और राहत मिल सकती थी, लेकिन इन राज्यों ने यह कदम नहीं उठाया।
रेल राज्यमंत्री दानवे ने रविवार रात कहा कि भारत में तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा है। मध्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भाजपा के नए कार्यालय के उद्धाटन के मौके पर दानवे ने यह बात कही। इस मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
ईंधन की कीमतों और विपक्षी दलों के विरोध का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री दानवे ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाना बनाना अनुचित है। देश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन ईंधन की कीमतें विश्व बाजार से जुड़ी हैं। एक दिन यह 35 पैसे बढ़ जाता है, अगले दिन यह एक रुपये कम हो जाता है और फिर यह पचास पैसे बढ़ जाता है।
तेल की कीमतें अमेरिका में तय की जाती हैं। इसलिए ईंधन की कीमतों में वृद्धि के लिए केंद्र को दोष देना गलत है। केंद्र सरकार ने अपना कर (दिवाली की पूर्व संध्या पर पेट्रोल और डीजल पर) कम किया, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें वैट कम करने के लिए तैयार नहीं हैं। देश केंद्र सरकार के फंड से चल रहा है। हमें इसके बारे में लोगों को बताना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन-पार्टी की एमवीए सरकार के सहयोगी एक साथ बैठकर इस बारे में निर्णय नहीं ले रहे।