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जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर मिलकर काम करेंगे फ्रांस और भारत

Fri, 29 Jan 2021 03:38 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
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जलवायु परिवर्तन - फोटो : file photo
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भारत और फ्रांस पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और फ्रांस की पारिस्थितिकीय परिवर्तन मंत्री बारबरा पोम्पिली ने बृहस्पतिवार को भारत-फ्रांस वर्ष की शुरुआत की। इसका लक्ष्य सतत विकास में भारत फ्रांस सहयोग को सुदृढ़ करना, वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर दुनिया के सामने उत्कृष्ट पर्यावरण सुधारों की छवि पेश करना है।

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बारबरा पोम्पिली पांच दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान वह जैव विविधता और प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए साझा प्रयास पर चर्चा करेंगी।

इस क्रम में भारत फ्रांस वर्ष 2021-2022 की अवधि में पर्यावरण के लिहाज से पांच मुख्य विषयों पर अधिक जोर देंगे। इसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय जरूरतों के हिसाब से शहरी विकास और नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता का विकास। यह पर्यावरण और संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करने के लिए भी एक मंच भी प्रदान करेगा। जहां तकनीकों और दोनों देशों द्वारा अपनाई जा रही गुड प्रैक्टिस के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा।

इस अवसर पर जावड़ेकर ने कहा कि फ्रांस की मंत्री पहली बार भारत की यात्रा पर आई हैं, इसलिए यहां की संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में साथ काम का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा भारत फ्रांस के साथ अधिक तत्परता के साथ पर्यावरण सुधारों पर काम कर जलवायु परिवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक काम करेगा, ऐसा उनका विश्वास है।
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उन्होंने कहा भारत और फ्रांस पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के दो मुख्य और आधारभूत स्तंभ हैं। उनके प्रयास एक सफल प्रयोग में तब्दील हो गए हैं। इसलिए दुनिया के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह दोस्ती शेष विश्व के लिए सतत विकास की दिशा का मार्ग तो प्रशस्त करेगी ही साथ ही पर्यावरण सुधारों की दिशा में और कुशलता से काम करने के लिए प्रेरित भी करेगी।
 
उन्होंने कहा कि भारत ने जलवायु परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और तय समय से काफी पहले ही कार्बन उत्सर्जन तीव्रता में कमी का 26 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। 2020 तक भारत में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की क्षमता 90 गीगावॉट है जिसमें सौर ऊर्जा का योगदान 36 गीगावॉट और 38 गीगावॉट पवन ऊर्जा शामिल है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की यह साझेदारी पर्यावरण के क्षेत्र में सतत विकास के लिए दुनिया के बाकी देशों को भी प्रेरित कर सकता है। पोम्पिली ने पर्यावरण संरक्षण में दोनों देशों के मजबूत सहयोग का वादा किया।

साथ ही कहा कि दोनों देशों की पर्यावरणीय जरूरतों को लेकर की गई दोस्ती पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई नए आयाम गढ़ेगी, ऐसा उनका विश्वास है।उन्होंने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत-फ्रांस साझेदारी के महत्व को दोहराया।

पर्यावरण के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को फ्रांस की ओर से, उसके पारिस्थितिकीय संक्रमण मंत्रालय के बैनर तले संचालित किया जाएगा। दिल्ली में फ्रांस के दूतावास और उसके भागीदारी के अलावा यूरोप और विदेश मामलों के मंत्रालय के साथ निकट सहयोग भी मिलेगा।

वहीं भारत की ओर से  पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) के साथ-साथ विदेश मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों के अलावा इससे जुड़े विभागों और संगठनों द्वारा सहयोग किया जाएगा। पर्यावरण के भारत-फ्रांस वर्ष के लिए होने वाले आयोजनों के कैलेंडर को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त स्क्रीनिंग समिति का भी गठन किया जाएगा ।

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