मुंबई। मुंबई में सोमवार देर रात चार मंजिला आवासीय इमारत ढहने से 19 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। घायलों को घाटकोपर व सायन के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में ज्यादातर यूपी और बिहार के मजदूर हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख और घायलों को मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
बृहन्मुंबई महानगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों के मुताबिक कुर्ला की नाइक नगर सोसाइटी में यह हादसा सोमवार देर रात हुआ। मलबे से 33 लोगों को निकाला गया है। जिनमें चार की अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो चुकी थी।
मंगलवार को अस्पतालों में भर्ती 15 और लोगों की जान चली गई। अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी ने कहा, नोटिस दिया गया था, जिसपर इमारत में रहने वालों ने एक हलफनामा दिया था कि वे अपने जोखिम पर रहेंगे।
मलबे में दबी महिला को जीवित निकाला
एनडीआरएफ के एक दल ने मलबे में फंसी एक महिला को जीवित बाहर निकाला है। चहल ने कहा कि दमकल और एनडीआरएफ की टीम को सावधानी के साथ राहत और बचाव कार्य करने को कहा गया है, क्योंकि और जीवित लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
मरने वालों में बिहार के 3 मजदूर
मुंबई बिल्डिंग हादसे में मरने वालों में छपरा के भी 3 मजदूर शामिल हैं। बताया जाता है कि 2 घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है, जबकि 5 अभी भी लापता हैं।
मौके पर पहुंचे आदित्य ठाकरे
महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कुर्ला भवन ढहने की साइट का दौरा किया। उन्होंने कहा, "मैं यहां कल रात भी आया था और बचाव अभियान जारी है। 2-3 लोग यहां से जिंदा निकले हैं, शायद और भी लोग निकल सकते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि मलबे से सभी सुरक्षित निकले।" इससे पहले आदित्यन ने बताया था कि सभी 4 इमारतों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन लोग वहां रहते हैं। सभी को बचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब भी बीएमसी नोटिस जारी करे, इमारतें खुद खाली कर दी जानी चाहिए। अन्यथा, ऐसी घटनाएं होती हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है,अब इस पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।
इस दुर्घटना पर शिवसेना के बागी विधायक मंगेश कुदलकर ने ट्वीट कर शोक जताया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्यके व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही। साथ ही घायलों को भी एक लाख रुपये की मदद का वादा किया।