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रहें सावधान: दूसरी लहर के बाद कोरोना मामलों में चार गुना वृद्धि

Sun, 18 Jul 2021 02:44 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

अध्ययन के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर, पहली लहर की तुलना में अधिक संक्रामक थी। इस बार वायरस का चिंताजनक स्वरूप अलग था और नए लक्षण थे
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कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद कोविड के दीर्घकालिक लक्षणों के मामले पिछले साल इस अवधि की तुलना में चार गुना बढ़ गए हैं।

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दिल्ली के अपोलो अस्पताल ने अपने अध्ययन में बताया कि कोरोना से लंबे समय तक संक्रमित रहने वालों में लक्षणों और संक्रमण से उबरने के बाद की जटिलताओं के मामले पिछले साल की तुलना में चार गुना बढ़े हैं। यह महामारी की दूसरी लहर के बाद हुआ है।
 
अध्ययन के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर, पहली लहर की तुलना में अधिक संक्रामक थी। इस बार वायरस का चिंताजनक स्वरूप अलग था और नए लक्षण थे, इनमें तेज बुखार, अतिसार, फेफड़ों में गंभीर संक्रमण आदि और इसके बाद कोरोना के दीर्घकालिक लक्षण और कोरोना से उबरने के बाद की जटिलताएं शामिल हैं।
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अध्ययन के मुताबिक, संक्रमित पाए जाने के आठ दिन या इससे भी ज्यादा समय बाद ऑक्सीजन का स्तर गिरना और फेफड़ों में फ्राइब्रोसिस देखा गया है। उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए जाने के 20-30 दिन बाद कोरोना के दीर्घकालिक लक्षण और कोरोना से उबरने के बाद की जटिलताओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

मरीजों में दो महीने बाद भी दिखे ब्रेन फॉगिंग के लक्षण
दिल्ली के निजी अस्पतालों के न्यूरो विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में यह भी सामने आया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद 20 से 25 रोगियों में थकान, ब्रेन फॉगिंग, उल्टी, निरंतर चिंता की स्थिति देखी गई। इन मरीजों में ज्यादातर युवा वर्ग के थे।
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न्यूरो विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमितों में दो महीने बाद भी ब्रेन फॉगिंग लक्षण देखे गए और छह से आठ सप्ताह के बाद गंभीर बीमारी न्यूरोपैथी के मामले सामने आए हैं।

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