पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी लोकसभा चुनाव 2024 में जनता दल सेकुलर (JDS) प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक सकते हैं। उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि अगर मोदी-शाह चाहेंगे तो उनके बेटे लोकसभा चुनाव की सियासी समरभूमि में पूरी ताकत झोकेंगे।
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू हो चुकी है। अगले कुछ हफ्तों में चुनाव आयोग आम चुनाव के कार्यक्रम का एलान भी कर सकता है। इसी बीच कर्नाटक के पूर्व सीएम के सांसद बनने क संभावनाओं पर चर्चा शुरू हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा है कि अगर पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चाहेंगे तो उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी लोकसभा चुनाव में भी ताल ठोक सकते हैं। वयोवृद्ध राजनेता के इस बयान को बड़ा संकेत माना जा सकता है।
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दरअसल, देवेगौड़ा का बयान इस मायने में अहम है कि जनता दल सेकुलर (JDS) ने कर्नाटक में भाजपा की सहयोगी पार्टी बनने का अहम फैसला लिया है। भले ही विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन पार्टी लोकसभा चुनाव में मजबूत होने के दावे कर रही है। इसी बीच देवेगौड़ा ने गुरुवार को कहा, कुमारस्वामी के बारे में अटकलें लगाना बंद करें। पीएम मोदी क्या कहेंगे? इस बात का किसी को पता नहीं। उन्होंने कहा, अगर कुमारस्वामी को संसदीय चुनाव लड़ने को कहा जाएगा तो वे कर्नाटक की किसी भी सीट से लड़ने को तैयार होंगे। देवेगौड़ा के मुताबिक मांड्या, तुमकुरू, चिक्काबल्लापुर या किसी अन्य सीट से भी लोकसभा चुनाव प्रत्याशी बनने में कुमारस्वामी को कोई परेशानी नहीं होगी।
बेटे के संसदीय भविष्य को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी को कई सीटों से चुनाव लड़ने के ऑफर दिए जा रहे हैं। क्या कुमारस्वामी मांड्या सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल पर देवेगौड़ा ने कहा कि कुमारस्वाम को दिल्ली बुलाना है या नहीं, इसका फैसला पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को करना है। उन्हें अब तक ऐसी किसी चर्चा की जानकारी नहीं मिली है। उन्हें दिल्ली बुलाने और केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलें लग रही हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी में ऐसी किसी संभावना पर विचार नहीं किया गया है।
कुमारस्वामी के बेटे और अपने पोते निखिल कुमारस्वामी की सियासत पर देवेगौड़ा ने कहा, पिता बेटे को लोकसभा चुनाव की समरभूमि में उतारने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, देवेगौड़ा ने ये भी कहा कि निखिल के संबंध में अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि मांड्या में पार्ट नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा है कि निखिल या उनके पिता में किसी एक को ही चुनाव लड़ना चाहिए। अब अंतिम फैसला कुमारस्वामी को लेना है। अपनी निजी राय करे बारे में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'उन्हें लगता है कि कुमारस्वामी और निखिल दोनों को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों को जनता दल सेकुलर के चुनाव अभियान का नेतृत्व करना होगा।'