पूर्व जज चंद्रू एसएफआई द्वारा आयोजित किए गए चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। (फाइल फोटो)
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मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज और जय भीम मूवी से भी सुर्खियां बटोरने वाले कृष्णास्वामी चंद्रू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर चिंता जाहिर की। पूर्व जज ने कहा कि संसद में जिस तरह से बिना किसी बहस के बिल पारित हो रहे हैं, उससे लगता है कि जल्द ही देश की संसद केवल सरकार की एक रबर स्टांप बनकर रह जाएगी।
पूर्व जज चंद्रू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा आयोजित किए गए एक चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। इस चर्चा का आयोजन बाबरी मस्जिद के के गिराए जाने के 29 वर्ष पूरे होने पर किया गया था। चंद्रू ने कहा कि सरकार ने कृषि कानूनों को बिना किसी चर्चा के संसद में पास कराया और किसानों के विरोध के बाद फिर से बिना किसी चर्चा के ही वापस से लिया। संसद में जनता के मुद्दों पर कोई भी चर्चा नहीं हो रही है। जिस तरह से यह सब हो रहा है, जल्द ही संसद सरकार की एक रबर स्टांप बनकर रह जाएगी।
संसद नागपुर से चलेगी
चंद्रू ने बिना किसी का नाम लिए ईशारों में यह भी कहा कि एक दिन संसद नागपुर से चलेगी। उन्होंने कहा कि समाजवाद अब केवल किताबी शब्द बनकर रह गया है। सरकार जो आर्थिक नीतियां ला रही है, वह देश के गरीब लोगों के लिए हानिकारक है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो भारत एक दिन दिवालिया हो जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर बहुसंख्यकवादी राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
राम मंदिर पर भी की बात
चंद्रू ने रामजन्मभूमि फैसले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस फैसले में बहुसंख्यक आबादी की श्रद्धा को वरीयता दी गई। संविधान में सभी को अपनी श्रद्धा मानने की आजादी दी गई है और इस आजादी पर दिल्ली, गुजरात या नागपुर से अंकुश नही लगाया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि सीएए समेत कई बड़े मामले अब भी कोर्ट के समक्ष लंबित पड़े हैं।
जय भीम पर भी दिया बयान
पूर्व जज चंद्रू ने हाल ही में आई फिल्म जय भीम पर भी बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म इस बात को बताती है कि शिक्षा लोगों को स्वतंत्र बनाती है। जय भीम ने लोगों को दिखाया कि भारत एक है।