प. बंगाल में प्रचंड जीत के बाद से ही टीएमसी में विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने का सिलसिला तेज हो गया है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचते ही ऐसे नेताओं का उनसे मुलाकात का दौर शुरू हो गया। सबसे पहले पूर्व जदयू नेता पवन वर्मा ममता से मुलाकात कर टीएमसी में शामिल हुए। इसके बाद कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद व उनकी पत्नी पूनम आजाद और राहुल गांधी के करीबी रहे अशोक तंवर भी टीएमसी में शामिल हो गए।
- All India Trinamool Congress (@AITCOfficial) 23 Nov 2021
अधीर रंजन चौधरी बिफरे
वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी इसे लेकर इस कदर बिफरे की आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने ममता पर यह कहते हुए निशाना साधा कि वह दिल्ली नेताओं को खरीदने के लिए गई हैं। लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता चौधरी ने कहा है कि ममता बनर्जी दिल्ली में खरीद फरोख्त करने और भाजपा के साथ साठगांठ करने के लिए गई हैं। परोक्ष रूप से बंगाल की मुख्यमंत्री और भाजपा के बीच एक गठबंधन है।
तथागत रॉय बोले, ममता का सपना नहीं होगा पूरा
मेघालय और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा कि अगर ममता बनर्जी को लगता है कि एक क्षेत्रीय पार्टी के प्रमुख के रूप में वह पीएम बनने की ख्वाहिश रख सकती हैं, तो वह आकांक्षा कर सकती हैं लेकिन यह सच नहीं होने वाला है। कोई उन पर भरोसा नहीं करता। विपक्षी एकता नहीं होने जा रही है।