सुप्रीम कोर्ट ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पूर्व सचिव को सृजन घोटाले में अग्रिम जमानत दे दी है। राज्य सरकार के करीब 1000 करोड़ रुपये के फंड को एक एनजीओ को डायवर्ट करने से जुड़े इस घोटाले में पूर्व बीपीएससी सचिव प्रभात कुमार सिन्हा का नाम आरोप पत्र में शामिल है। शीर्ष अदालत ने मामले का ट्रायल पूरा होने तक सिन्हा के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं किए जाने का आदेश सीबीआई को दिया है।
जस्टिस आरएफ नरीमन (सेवानिवृत्ति से पहले) और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने सिन्हा की तरफ से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई के बाद 9 अगस्त को फैसला सुनाया।
पीठ ने सिन्हा की तरफ से पेश अधिवक्ता शोएब आलम और फौजिया शकील की दलीलों को सुना, जबकि केंद्र सरकार व सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पक्ष रखा।