विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शनिवार को भूटानी समकक्ष औम पेमा चोडेन के साथ व्यापक बातचीत की और हिमालयी राष्ट्र की प्राथमिकताओं के आधार पर भूटान के साथ साझेदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को कहा कि शीर्ष भूटानी राजनयिक ने 28 से 29 जुलाई तक भारत की आधिकारिक यात्रा की।
एक बयान में कहा गया कि दोनों विदेश सचिवों ने द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में इसे और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों विदेश सचिवों ने भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भूटानी विदेश सचिव की यात्रा ने आपसी हित के सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की लंबे समय से चली आ रही परंपरा को मजबूत किया है। आगे इसमें कहा गया है कि भूटानी पक्ष ने वार्ता के दौरान भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के बारे में विवरण साझा किया।
बयान में कहा गया है कि विदेश सचिव क्वात्रा ने भूटान सरकार और वहां के लोगों की प्राथमिकताओं के आधार पर भूटान के साथ साझेदारी करने और नए क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों विदेश सचिवों ने ऊर्जा क्षेत्र, विकास साझेदारी, सीमा पार कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक संबंधों, डिजिटल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और लोगों से लोगों के संबंधों को आगे बढ़ाने में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की सराहना की।
साथ ही बयान में बताया गया है कि इस बात पर सहमति हुई कि अप्रैल में भूटान के राजा की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष इस तरह के सहयोग को और मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। चोडेन ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की।
एस जयशंकर ने ट्वीट किया कि आज शाम भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता के बाद भूटान के विदेश सचिव ओम् पेमा चोडेन का स्वागत करके खुशी हुई। भूटान की विकास आकांक्षाओं के लिए हमारे समर्थन पर चर्चा की।