सार
27 जुलाई को फ्लेम अवॉर्ड्स एशिया (FLAME Awards Asia 2024) कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा। यह आयोजन, भारत और एशिया में ग्रामीण विपणन और संचार में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देने वाला एक विशिष्ट कार्यक्रम है।
भारतीय ग्रामीण विपणन संघ (आरएमएआई) द्वारा शनिवार, 27 जुलाई को फ्लेम अवॉर्ड्स एशिया (FLAME Awards Asia 2024) कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा। यह आयोजन, भारत और एशिया में ग्रामीण विपणन और संचार में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देने वाला एक विशिष्ट कार्यक्रम है। इस वर्ष 27 जुलाई को फरीदाबाद के ताज विवांता होटल में इस कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रामीण बाजारों में उल्लेखनीय असर डालने वाले प्रमुख प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस वर्ष 46 वर्गों के लिए 166 प्रविष्टियों का चयन
वर्ष 2006 में फ्लेम अवॉर्ड्स की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से ग्रामीण बाजार उद्योग में यह कार्यक्रम एक मील का पत्थर साबित हुआ है। इस वर्ष कुल मिलाकर 46 वर्गों के लिए 166 प्रविष्टियों का चयन किया गया है। प्रत्येक प्रविष्टि का मूल्यांकन अलग अलग उद्योंगे से जुड़े 28 विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया गया है।
भारतीय ग्रामीण विपणन संघ के अध्यक्ष पुनीत विद्यार्थी ने क्या कहा?
भारतीय ग्रामीण विपणन संघ के अध्यक्ष पुनीत विद्यार्थी ने कहा, ‘बाजारों में विकास और नवाचार की क्षमता के साथ ग्रामीण भारत इस देश की धड़कन की तरह है। ग्रामीण भारत का बाजार विशाल और विविधताओं से भरा है। ग्रामीण समुदायों के स्तर को ऊपर उठाने वाले रचनात्मक और उल्लेखनीय कार्यों के लिए फ्लेम अवॉर्ड्स एशिया एक साक्ष्य के रूप में खड़ा है।’ पुनीत विद्यार्थी ने आगे कहा, ‘भारत सरकार ने भी ग्रामीण विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार कीं हैं और यह 2024-25 के केंद्रीय बजट में साफ तौर पर दिखता है। हम इस उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं।‘
जूरी के सदस्य निखिल शर्मा ने उत्साह व्यक्त किया
28 विशेषज्ञों की जूरी के सदस्य निखिल शर्मा ने भी इस कार्यक्रम को लेकर अपना उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे प्रतिभागियों के उल्लेखनीय कामों की समीक्षा करने के लिए मैं उत्साहित हूं। फ्लेम अवॉर्ड एशिया 2024 के दौरान ग्रामीण बाजारों की प्रगति और बदलाव की दिशा में उल्लेखनीय प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान हम प्रतिभागियों की कड़ी मेहनत, लगन और रचनात्मकता का सम्मान करेंगे।’