पीठ गुरुवायुर देवस्वम प्रबंध समिति से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिका में सरकार के आपदा राहत कोष में गुरुवायुर देवस्वम कोष द्वारा किए गए योगदान को रद्द करने वाले पूर्ण पीठ के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर केरल हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार महिला न्यायाधीशों की पूर्ण पीठ का गठन किया गया है।
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पीठ गुरुवायुर देवस्वम प्रबंध समिति से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाओं में तय होना है कि गुरुवायुर देवस्वम प्रबंध समिति मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष या किसी सरकारी संस्था को दान दे सकती है या नहीं।
जस्टिस अनु शिवरामन, जस्टिस एमआर अनीता और जस्टिस वी शिरसी की पीठ राज्य द्वारा दायर एक समीक्षा याचिका पर विचार करेगी। याचिका में सरकार के आपदा राहत कोष में गुरुवायुर देवस्वम कोष द्वारा किए गए योगदान को रद्द करने वाले पूर्ण पीठ के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई है।
इससे पहले बेंच में जस्टिस ए हरिप्रसाद, अनु शिवराम और एमआर अनीता शामिल थे और जस्टिस हरिप्रसाद की सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस शिरसी ने उनकी जगह ली है। प्रतिवादी की तरफ से वकील साजिथ कुमार वी ने बताया, यह पहली बार है कि केरल हाईकोर्ट में महिलाओं की पूर्ण पीठ बनी है।