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Arvind Kejriwal: पहले सिसोदिया, अब के. कविता को जमानत, कब आएगी केजरीवाल की बारी? आम आदमी पार्टी है उत्साहित

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 27 Aug 2024 03:18 PM IST

सार

यदि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल जाती है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए एक वरदान जैसा होगा। पार्टी इस समय हरियाणा के चुनावों में व्यस्त है और उसने जम्मू-कश्मीर में चुनाव के लिए भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी को इसी साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा के चुनाव के लिए भी तैयारी करनी है। इन चुनावों में उसकी पूरी साख दांव पर लगी है। 
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Arvind Kejriwal - फोटो : Amar Ujala


इसके पहले मनीष सिसोदिया के मामले में भी अदालत ने ठीक इसी तरह का रुख अपनाया था। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना था कि मनीष सिसोदिया की जमानत को रूल ऑफ प्रेसीडेंस की तरह न लेते हुए इसे इसी मामले में दूसरे आरोपियों की जमानत के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता, लेकिन जिस तरह के. कविता को जमानत देने में भी अदालत ने लगभग वही रुख और तर्क अपनाया है, जिस तरह सिसोदिया के केस में अपनाया था, माना जा रहा है कि अब अदालत इस मामले के अन्य आरोपियों के मामले में भी यही रुख अपना सकती है। यानी अब अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने का रास्ता तैयार होता दिख रहा है। हालांकि, इसके पहले अरविंद केजरीवाल की जमानत की अपील खारिज की जा चुकी है। 


यदि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल जाती है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए एक वरदान जैसा होगा। पार्टी इस समय हरियाणा के चुनावों में व्यस्त है और उसने जम्मू-कश्मीर में चुनाव के लिए भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी को इसी साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा के चुनाव के लिए भी तैयारी करनी है। इन चुनावों में उसकी पूरी साख दांव पर लगी है। 


जमानत का रास्ता तैयार होने का अनुमान

राजनीतिक विश्लेषक कुमार राकेश ने अमर उजाला से कहा कि हरियाणा के बाद दिल्ली के चुनावों के लिए पार्टी ने तैयारी करनी शुरू कर दी है। मनीष सिसोदिया ने जमानत पर बाहर आने के बाद लोगों से मुलाकात पद यात्रा का कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस यात्रा में लोगों की उमड़ रही भीड़ यह बताने के लिए पर्याप्त है कि शराब घोटाले के गंभीर आरोपों के बाद भी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी है। यदि इसी बीच अरविंद केजरीवाल की ताकत भी आम आदमी पार्टी को मिल जाती है, तो उसकी चुनावी तैयारी को बल मिल सकता है। संभवतः यही कारण है कि आम आदमी पार्टी केजरीवाल को जमानत दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। 


आप को मिल सकता है समय

उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया और के. कविता के मामले में अदालत ने जिस तरह का रुख अपनाया है, उनका मानना है कि इन्हीं आधारों पर अदालत अरविंद केजरीवाल को भी जमानत दे सकती है। इसके बाद अदालती प्रक्रिया चलेगी, जिसमें लंबा समय लग सकता है। लेकिन आम आदमी पार्टी को फिलहाल दिल्ली-हरियाणा सहित कई अन्य चुनावों के लिए समय मिल जाएगा, जिसका उपयोग अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं। इससे आम आदमी पार्टी को लाभ मिल सकता है। 

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