मणिपुर में पिछले साल मई से हिंसा जारी है। मंगलवार को राज्य के कांगपोकपी, इंफाल पूर्व और पश्चिम जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर मैतेई सशस्त्र बदमाशों और कुकी सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई। गोलीबारी में दो सशस्त्र बदमाश की मौत हो गई। वहीं, एक स्वयंसेवक की भी जान चली गई है। जबकि, सुरक्षाबल के एक अधिकारी सहित पांच अन्य घायल हो गए।
सूत्रों के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे इंफाल पूर्व जिले और कांगपोकपी जिले के सीमावर्ती इलाकों ट्विचिन, फैमोल, सिमोल गांव (कुकी गांव) और थम्नापोकपी गांव (मैतेई गांव) के सामान्य क्षेत्र में गोलीबारी हुई। दोपहर करीब तीन बजे सिमोल गांव पर तैनात 20 जाट रेजिमेंट ने मोर्टार गोले दागकर हस्तक्षेप किया। इस बीच यिंगांगपोकपी पुलिस स्टेशन की मणिपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर छोटे हथियारों से गोलीबारी करके हस्तक्षेप किया। गोलीबारी करीब चार बजे बंद हुई। सूत्रों के मुताबिक गोलीबारी में 20 जाट रेजिमेंट के एक अधिकारी को चोटें आई हैं। इसके बाद सुरक्षाबल नोंगाडा इलाके में आ गए और वाहनों की तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
शांतिपुर गांव में कुकी और मैतेई सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी
वहीं, कांगपोकपी जिले के बुंगपी क्षेत्र के साईबोल गांव में दोपहर लगभग एक बजे मैतेई सशस्त्र बदमाशों और कुकी सशस्त्र बदमाशों के बीच भारी गोलीबारी हुई। जानकारी के मुताबिक गोलीबारी में एक की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। इसी तरह से शाम को करीब 4:45 बजे कांगपोकपी और इंफाल पश्चिम जिले के सीमावर्ती क्षेत्र शांतिपुर गांव में कुकी सशस्त्र बदमाशों और मैतेई सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
खबर है कि गोलीबारी की घटना के बाद सेना ने नोंगरेल ब्रिज पर वाहनों की तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसी तरह से शाम को इंफाल पश्चिम जिले के लमसांग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कदांगबंद गांव के सामान्य क्षेत्र में कुकी सशस्त्र बदमाशों और मैतेई सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई।