किसान आंदोलन की जब शुरुआत हुई थी, तब तीन बड़े मुद्दों कानून वापसी, एमएसपी और पराली जलाने के मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ था। एक साल बीतते-बीतते किसानों के उठाए मुख्य मुद्दों की संख्या बढ़कर सात हो गई। इनमें से छह मांगों पर सरकार की तरफ से लिखित प्रस्ताव मिलने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। 11 दिसंबर से किसानों की दिल्ली की सरहदों से वापसी शुरू होगी। हालांकि, 15 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की समीक्षा बैठक होगी, जिसमें किसान नेता आगे की रणनीति तय करेंगे। जानते हैं कि किन मुद्दों पर पेंच फंसा था और किन मांगों पर सरकार झुकी या किसानों ने नरम रुख अपनाया...