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आंदोलन का दबाव: हर दिन किसान संगठनों से मिलकर गृह मंत्री को फोन पर अपडेट करते हैं कृषि मंत्री

Sat, 12 Dec 2020 06:05 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिन में दो से तीन बार गृहमंत्री अमित शाह को फोन पर रिपोर्ट करना और केंद्र के मंत्रियों की समितियों से भी दो बार चर्चा करना पड़ रही है...
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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर - फोटो : PTI
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दिल्ली में 17 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन का दबाव दिल्ली के ट्रैफिक पर ही नहीं बल्कि कृषि मंत्री के कार्यालय पर भी नजर आ रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की दिनचर्या किसान आंदोलन ने बदल कर रख दी है। तमाम मंत्रियों के बीच तोमर के हर दिन को किसान संगठनों ने व्यस्ततम बना दिया है। हर दिन कृषि मंत्री तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा किसान संगठन के प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं।

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दिन में दो से तीन बार गृहमंत्री अमित शाह को फोन पर रिपोर्ट करना और केंद्र के मंत्रियों की समितियों से भी दो बार चर्चा करना पड़ रही है। कुल मिलाकर सुबह सात बजे से लेकर रात के तीन बजे तक लगातार कृषि मंत्री किसान आंदोलन के कारण काम में व्यस्त नजर आ रहे हैं।


केंद्रीय कृषि मंत्री की दिनचर्या सुबह सात बजे से शुरू हो जाती है। सुबह के दौर में कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से चर्चा होती है। इसके बाद अपने निवास कृष्ण मेनन मार्ग पर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलने का दौर शुरु हो जाता है। अधिकारियों द्वारा आंदोलन और किसान संगठनों की वार्ता से जुड़ी हर जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री को दी जाती है। वहीं सुबह को कृषि मंत्री एक बार गृहमंत्री अमित शाह से चर्चा करते हैं। इसके बाद दोबारा बैठकों का दौर शुरू हो जाता हैं।
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रोज दोपहर में कृषि मंत्री अपने विभाग के अफसरों की बैठक में शामिल होते हैं। रोज शाम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय राज्य मंत्री सोमप्रकाश की बैठक होती है। इसमें आगे रणनीति को लेकर चर्चा की जाती है। इस बैठक में सभी संबंधित मंत्रालय के अफसरों से भी चर्चा होती है। इसके बाद नरेंद्र सिंह तोमर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दिनभर का अपडेट देते हैं। कृषि मंत्री का बैठकों का ये सिलसिला रात 2 बजे तक चलता रहता है।

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