केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ एक बार फिर किसान संगठन अपना प्रदर्शन तेज करने जा रहे हैं। इसी सिलसिले में संगठनों ने 27 सितंबर को देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है। संगठन ने अपनी इकाइयों को गांव, शहर और राज्य में इसकी पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। सभी से संपूर्ण बंद करने के लिए कहा गया है।
जानकरी के अनुसार, भारत बंद को सफल बनाने के लिए राज्यों के किसान संगठन जिलों के किसान संगठन ट्रेड यूनियन, युवा संगठन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, व्यापारी संगठन के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इसमें सभी से संगठनों से एकजुटता के साथ भारत बंद का सफल बनाने का आह्वान किया जाएगा। इसके अलावा सभी को गांव, शहर और राज्यवार बंद को कैसे सफल हो इसकी जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
किसान मोर्चा ने राज्यों के किसान संगठनों के नेतृत्व से कहा है कि हर जिले में संयुक्त किसान मोर्चे की इकाई बनाएंगे और अपना आंदोलन गांव-गांव तक ले जाएंगे। इस दौरान लोगों को यह भी बताए कि केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी है। भारत बंद को लेकर सभी इकाईयों से कहा गया है कि वे अपने स्तर पर बंद कैसे सफल हो इसकी तैयारी में जुट जाएं। अगर कहीं बंद में परेशानी आ रही है तो वहां धरना या प्रदर्शन जरूर करें। ताकि हम हमारी बातें किसानों तक अच्छे से पहुंचा सकें।
हर स्तर पर बंद को सफल बनाने के लिए सभी प्रकार की ट्रेड यूनियन, व्यापारी मंडल और छोटे-बड़े कर्मचारी संगठनों को भी साथ लिया जा रहा है, ताकि सभी के साथ मिलकर इस देशव्यापी बंद को सफल बनाया जा सके। बंद को लेकर हर जिला प्रमुखों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही हैं।
गौरतलब है कि कृषि कानून रद्द करने को लेकर किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर नौ माह से धरने पर बैठे हैं। इस मसले पर किसान संगठनों और भारत सरकार के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। सरकार ने किसान संगठनों से कृषि कानूनों को कुछ समय तक टालने की बात कही थी लेकिन किसान संगठन उस पर भी राजी नहीं हुए थे। इसके बाद से ही दोनों पक्षों की तरफ से सख्त रुख अपनाया गया।