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किसान आंदोलन का डर: भाजपा नेताओं और उद्घाटन स्थलों की पहरेदारी करेगी पुलिस, पंगा लेने से नहीं डरती 'टिकैत की टोली'

Tue, 15 Jun 2021 06:46 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जून माह के दौरान कई तरह के बड़े आयोजन किए जाएंगे। किसान मोर्चा ने खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत 14 जून को गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस मनाया है। 24 जून को देश के विभिन्न हिस्सों में कबीर जयंती मनाई जाएगी। 26 जून को आपातकाल की जानकारी देश को दी जाएगी...
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झज्जर में विरोध करते किसान - फोटो : ANI
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विस्तार
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किसान आंदोलन को लेकर भले ही केंद्र सरकार के रुख में कोई बदलाव न आया हो, मगर टिकैत की 'टोली' ने भाजपा के मंत्रियों और नेताओं के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय स्तर पर जारी इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों में विवाद खड़ा हो सकता है। इसके मद्देनजर भाजपा नेताओं की जनसभा और उद्घाटन स्थल के आसपास हथियारबंद पुलिस का पहरा रहेगा। खासतौर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड व राजस्थान में भाजपा नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों में 'टिकैत की टोली' यानी किसानों के जत्थे, नारेबाजी, काले झंडा दिखाना और उद्घाटन स्थल पर तोड़फोड़ आदि कर सकते हैं।

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एक दिन पहले हरियाणा के झज्जर में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ पार्टी कार्यालय का भूमि पूजन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। कुछ ही देर बाद ही किसानों के जत्थे ने भाजपा कार्यालय के लिए रखी गई नींव को उखाड़ फेंका। दूसरी घटना हिसार में हुई है। हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना द्वारा दो पार्कों का शिलान्यास किया जाना था। शिलान्यास पत्थर लग चुका था। किसानों ने वहां से विधायक के नाम वाला पत्थर हटा दिया और तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

उखाड़े जा रहे हैं भाजपा नेताओं के नाम वाले पत्थर  

बता दें कि किसान संगठनों के नेताओं ने अब आरपार की लड़ाई का एलान कर रखा है। जून माह के दौरान कई तरह के बड़े आयोजन किए जाएंगे। किसान मोर्चा ने खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत 14 जून को गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस मनाया है। 24 जून को देश के विभिन्न हिस्सों में कबीर जयंती मनाई जाएगी। 26 जून को आपातकाल की जानकारी देश को दी जाएगी। इस दिन किसान आंदोलन के सात माह पूरे हो रहे हैं। किसानों द्वारा राजभवनों के बाहर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। पिछले माह किसानों ने एलान किया था कि अब भाजपा नेताओं का गुरिल्ला नीति से विरोध किया जाएगा।

सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे। जनसभा या उद्घाटन स्थलों पर भी उनका विरोध होगा। कुछ दिन पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जब अपने गृह जिले में पहुंचे थे, तो मध्यप्रदेश के किसान संगठनों ने उनके सामने भारी विरोध प्रदर्शन कर दिया था। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का हेलीकॉप्टर करनाल में उतरने नहीं दिया गया। अब प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने पार्टी कार्यालय का नींव पत्थर रखा तो उसे भी उखाड़ दिया गया। किसानों के विरोध को देखते हुए भाजपा अध्यक्ष तय समय से दो घंटे पहले ही नींव का पत्थर रखकर चले गए थे। जब किसानों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने कार्यालय के लिए रखे गए नींव का पत्थर उखाड़ फेंका।
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हथियारबंद पुलिस करेगी भाजपा नेताओं की पहरेदारी ...

चूंकि अगले वर्ष सात राज्यों में विधानसभा चुनाव है, इसलिए वहां पर अभी से ही राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। साल के शुरू में उत्तर प्रदेश और पंजाब का चुनाव होना है। भाजपा नेताओं को मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में किसानों का बड़े पैमाने पर विरोध झेलना पड़ रहा है। कहीं पर उन्हें रूट बदलना पड़ता है तो कहीं तय समय से पहले ही उद्घाटन कर निकल जाते हैं। कुछ समय पहले हरियाणा के हिसार में सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का विरोध हुआ था। इन नेताओं को काफी देर तक एक जगह पर बैठकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज भी किया था।

इसी तरह से पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भाजपा के नेताओं और मंत्रियों को किसान संगठनों का विरोध झेलना पड़ा था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, भाजपा पदाधिकारियों को अपने दौरे का कार्यक्रम सार्वजनिक करने से बचना चाहिए। हरियाणा में यह शुरू हो गया है। कई जिलों में भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों को गुप्त रखा जाता है। यह अलग बात है कि किसी न किसी तरह किसानों को भाजपा नेताओं के कार्यक्रम की भनक लग जाती है और वे वहां पहुंचकर नारेबाजी करना शुरु कर देते हैं। इसके चलते अब भाजपा नेताओं को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। लोकल इंटेलिजेंस इनपुट जुटाकर वहां हथियारबंद पुलिस तैनाती होगी।
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