किसान नेता योगेंद्र यादव ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर लखीमपुर में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर जाने की घटना पर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय संस्कृति यही सिखाती है कि दुख की घड़ी में हमें विरोधियों के साथ भी खड़े हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह शुभम मिश्रा के घर उसकी शान में कसीदे पढ़ने के लिए नहीं गए थे, लेकिन मानवीय संवेदना के तहत उनके परिवार के पास पहुंचे थे।
साथी किसानों को अवगत न कराना गलती
यादव ने कहा कि आज किसान आंदोलन देश की उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल साबित हुआ है। यह करोड़ों लोगों की उम्मीदों की आखिरी किरण के समान है और ऐसे में इसकी एकता को बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुभम मिश्रा के घर जाने के पहले अपने निर्णय से साथी किसानों को अवगत न कराना एक गलती थी। उन्होंने कहा कि किसान संगठन में एकता बरकरार रखने और अपने किसान भाइयों की भावनाओं का सम्मान करते हुए वे उस घटना पर खेद प्रकट कर रहे हैं।
किसान संगठऩ अभी भी नाराज
हालांकि, योगेंद्र यादव के इस बयान के बाद भी किसान संगठनों में उनके प्रति गुस्सा भरा हुआ है। आज गुरनाम सिंह चढूनी गुट ने एक बयान जारी कर कहा कि यदि योगेंद्र यादव अपने बयान पर खुलकर माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें किसान संगठन से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। जाहिर है कि किसान संगठन योगेंद्र यादव द्वारा दी गई सफाई से बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं हैं। लेकिन आंदोलन की एकता को बनाए रखने के लिए सभी किसान संगठन इस घटना से आगे बढ़ते हुए आंदोलन को आगे ले जाने के लिए तैयार हैं।
किसान संगठनों ने घोषणा की है कि मिशन उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए आगामी 14 नवंबर से उत्तर प्रदेश के हर गांव, जिले और प्रमुख क्षेत्रों में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदर्शन तेज किया जाएगा और आरोपी मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।