भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और एक प्रखर वक्ता अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम 5:05 बजे दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। अटल जी अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते थे।
उनके निधन को बड़ी क्षति बताते हुए उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना नामुमकिन है। वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 93 साल की आयु में निधन हो गया।
वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा ने कहा, 'यह हमारे लिए बड़ी क्षति है और उनके निधन से पैदा शून्य को भरना नामुमकिन है।' वाजपेयी के परिवार में उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी हैं। भाजपा के दिग्गज नेता का पार्थिव शरीर कृष्णा मेनन मार्ग स्थित उनके आधिकारिक आवास पर रखा गया है।