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शहीद के दर्जे की मांग के लिए अर्धसैनिक बलों के जवानों के परिवार 72 घंटे तक करेंगे भूख हड़ताल

Sat, 22 Sep 2018 09:47 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेना की तर्ज पर देश के लिए जान देने वाले अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद का दर्जा मिले, इसके लिए अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मी 28 से 30 सितंबर तक 72 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। संसद मार्ग पर होने वाली इस भूख हड़ताल का आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ एक्स-पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में किया जा रहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी दूसरी मांगों में आर्मी की तरह अर्धसैनिक बलों को वन रैंक वन पेंशन देना, 2004 के बाद जवानों की बंद पेंशन दोबारा शुरू करना, पचास प्रतिशत जीएसटी फ्री सीपीसी कैंटीन, हर जिले में सीजीएचएस डिस्पेंसरी की स्थापना और सभी राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना आदि मांगें शामिल हैं।
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एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने बताया कि आए दिन कश्मीर व नक्सल क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों के जवान शहीद होते रहते हैं। दुख की बात है कि अभी तक इन्हें शहीद का दर्जा नहीं मिल सका है। एक तरफ तो सरकार इन बलों के जवानों को शौर्य चक्र और कीर्ति चक्र जैसा सम्मान प्रदान करती है तो दूसरी ओर उन्हें सातवें वेतन आयोग में सिविलियन का दर्जा दे दिया जाता है। 16 से 18 घंटे की ड्यूटी करने वाले अर्धसैनिक बल के जवानों का वेतन मात्र आठ घंटे की ड्यूटी देने वाले चपरासी के बराबर कर दिया गया।

सिंह के मुताबिक, 27 सितंबर 2016 को सरकार द्वारा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को सेना की तर्ज पर वेतन भत्ते व दूसरी सुविधाएं देने की घोषणा की गई थी। अर्धसैनिक बलों की सीपीसी कैंटीन पर पचास फीसदी जीएसटी की छूट देने के लिए 29 जून 2017 को केंद्रीय गृहमंत्री ने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखी थी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने से पहले अर्धसैनिक बलों को सर्विस-पे देने का एलान किया था, लेकिन अभी तक उसे अमल में नहीं लाया गया है। अर्धसैनिक बलों के जवान देश की करीब 15 हजार किलोमीटर लंबी सीमा रेखाओं की सुरक्षा करते हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का दावा है कि इस भूख हड़ताल में केरल, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड सहित कई दूसरे राज्यों से अर्धसैनिक बलों के हजारों परिवार शामिल होंगे।
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