केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने म्यांमार में भारतीय दूतावास को फर्जी भर्ती एजेंटों के खिलाफ शिकायत के बारे में अवगत कराया। ये एजेंट सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन प्रकाशित करके युवाओं को म्यांमार और थाइलैंड तस्करी करके भेजते थे। जैसे ही धोखाधड़ी की जानकारी मिली, मोर्का रूट्स ने सोशल मीडिया के जरिए पूरे केरल में दिशानिर्देश और चेतावनी जारी कर दी। कोल्लम जिले के दो व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ये शिकायत उन पीड़ितों ने की थी, जो इस धोखाधड़ी के शिकार हुए और किसी तरह इससे निकलने में कामयाब रहे।
विधानसभा में वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की एक याचिका पर जवाब देते हुए सीएम विजयन ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, इस मामले को म्यांमार में भारतीय दूतावास के समक्ष रखा गया है। इस पर आगे की कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया फर्जी सिम कार्ड के जरिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी शामिल होने के लिए तिरुवनंतपुरम के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पिनरई विजयन ने दावा किया कि वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुलिस ने प्रभावी कदन उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस प्रमुख ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बारे में रिजर्व बैंक गवर्नर और भारत साइबर सेल समन्वय केंद्र को एक रिपोर्ट भेजी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
विदेशी भर्ती एजेंसियों, नौकरी घोटालों और मानव तस्करी की शिकायतों की जांच के लिए नोर्का रूट्स, केंद्रीय विदेश मंत्रालय और केरल पुलिस ने एक संयुक्त उपक्रम लागू किया गया, जिसका नाम ऑपरेशन शुभयात्रा है।