-Russia India China Meeting: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
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भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को रसिया, इंडिया, चाइना (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में शुक्रवार को अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की। चीन के विदेशमंत्री वांग यी और रूसी विदेशमंत्री सरगेई लावरोव के साथ हुई 18वीं बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा “एक पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साझेदार के रूप में, भारत हालिया घटनाओं के बारे में चिंतित है और वहां समावेशी और जनप्रतिनिधियों की सरकार का समर्थन करेगा।
अफगानिस्तान में बिना किसी बाधा और राजनीतिकरण के अफगान लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए रूस व चीन का सहयोग अपेक्षित है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों देशों को आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और कट्टरपंथ के खिलाफ आपस में सहयोग की जरूरत है।
सड़क बनाएं, पर भरोसा न तोड़ें
बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर और कोविड-19 के कारण हुई आर्थिक तबाही के बावजूद एक उभरती हुई आर्थिक ताकत है। चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि भारत का मानना है कि अधिक से अधिक कनेक्टिविटी एक आर्थिक शक्ति-गुणक है, जिसका कोविड के बाद के युग में महत्व और बढ़ गया है, लेकिन कोई भी संपर्क पहल परामर्शी, पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण और संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए।
अफगानिस्तान की मदद रोक रहा पाक
जयशंकर ने बताया कि मानवीय सहायता के रूप में, भारत ने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अफगानिस्तान को 50 मीट्रिक टन गेहूं की पेशकश की है। लेकिन, पाकिस्तान मदद की राह में रुकावट पैदा कर रहा है।