देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने फिर से लॉकडाउन लगाने के विचार को खारिज किया है। डॉक्टरों का कहना है कि सालभर पहले हुए लॉकडाउन से जो फायदा मिलना था वह मिल गया है। राज्य सरकारों को इस महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू जैसे कदम उठाने की बजाए ज्यादा से ज्यादा लोगों के टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए।
सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसिन के प्रमुख डॉ. जुगल किशोर ने अमर उजाला को बताया, आज देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के मामले सामने आ रहे है जबकि कुछ राज्यों में मामले कम भी बने हुए हैं। इसे देखते हुए पहले की तरह शहरों में लॉकडाउन लगाना बिल्कुल भी सही विचार नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा सालभर पहले लॉकडाउन लगाने का उद्देश्य पूरी तरह से अलग था। उस दौरान केंद्र को व्यवस्था जुटाने के लिए समय चाहिए था, जिसका मकसद अब पूरा हो गया है।
उन्होंने आगे कहा कि आज सभी राज्यों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन लोगों पर पहले की तरह थोड़ी पाबंदी लगाना जरूरी है। क्योंकि लोग चेहरे पर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और साबुन से बार-बार हाथ धोने जैसे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आज जिन लोगों को सामान्य सर्दी-खांसी के लक्ष्ण हैं और वे खुले में घूम रहे हैं। ऐसे लोग कोरोना वायरस के वाहक हो सकते हैं, इन लोगों से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।
दिल्ली आईसीएमआर में शोध प्रबंधन, नीति योजना और संचार विभाग के प्रमुख डॉ रजनीकांत श्रीवास्तव ने अमर उजाला से कहा, लॉकडाउन लगाना है या नहीं, ये पूरी तरह से राज्य सरकार पर निर्भर करता है। राज्य सरकार को पता है कि लॉकडाउन लगाने से उनके राज्य की अर्थव्यवस्था कितनी प्रभावित होने वाली है। या अगर वे लॉकडाउन लगाने का फैसला लेते हैं, तो उन्हें कितनी सुरक्षा मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि आज भी बिना लक्षण वाले लोग ज्यादा खतरनाक हैं। ये ऐसे लोग होते हैं जो इस बीमारी से संक्रमित तो गए हैं, लेकिन उनमें या तो बेहद मामूली या फिर कोई लक्षण नहीं दिखते। नतीजतन, ऐसे लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि वे संक्रमित हैं, और सावधानी नहीं बरतते हुए दोस्तों, परिवार या किसी भी व्यक्ति से मिलते रहते हैं।
जिसके कारण अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वैक्सीन आने के बाद लोग लापरवाह से हो गए हैं कि लेकिन आज भी कोविड-19 देश से गया नहीं है। जब तक देश में एक भी केस है, लोगों को कोविड प्रोटोकाल को ध्यान रखना चाहिए।