आइये जानते हैं हिंसा व पूरे मामले पर पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का क्या कहना है-
सवाल: लखीमपुर खीरी में घटना की असली वजह क्या थी? आप को भी संज्ञान में था व पुलिस प्रशासन को भी पता था कि वहां घटना हो सकती है तो उपमुख्यमंत्री को वहां क्यों ले जाया गया?
जवाब: यह कार्यक्रम 40 साल से हमारे पैतृक गांव में होता है। उसमें उपमुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम तय था। उसी दौरान कुछ किसानों ने वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात जिला पुलिस व प्रशासन से कही थी। प्रशासन की ओर से हमें इसकी जानकारी मिली थी। शांतिपूर्ण आंदोलन पर हमें भी कोई ऐतराज भी नहीं था, क्योंकि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
सवाल: हमला कैसे हो गया? क्या वाहनों से रौंदा गया?
जवाब: कार्यक्रम स्थल घटना स्थल से चार किलोमीटर दूर था। जब रिसिविंग के लिए दो-तीन गाड़ियां जा रही थीं तभी उन पर पथराव हुआ, तभी कोई एक्सीडेंट हुआ। उसके बाद हमारे तीन कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसमें हमारा एक ड्राइवर भी शामिल था। तीन लोग बुरी तरह घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सवाल: रविवार को कार्यक्रम था और शनिवार रात में हेलिपेड पर कब्जा कर लिया गया, यह जानकारी आपको व पुलिस प्रशासन को थी, बावजूद इसके इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया? वजह क्या रही?
जवाब: मंत्री मिश्रा ने कहा कि धरना आंदोलन शांतिपूर्ण होना था, इसलिए दूसरे रूट से हम वहां जा रहे थे।
सवाल: लखीमपुर खीरी क्षेत्र के कई भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को आशंका थी की वहां बड़ी घटना हो सकती है और इसीलिए वे इस कार्यक्रम में शरीक नहीं हुए, उनका कहना था कि मंत्रीजी की जिद में यह कार्यक्रम हो रहा है?
जवाब: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा ने कहा कि मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- कोठी से तीन गाड़ियां
निकलीं और किसानों को रौंदती चली गईं
उधर, पीलीभीत क्षेत्र में एक गुरुद्वार पर मौजूद लोगों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से घटना की पूरी जानकारी साझा की। वहां मौजूद संदीप सिंह व अन्य ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से हमने किसानों के लिए गुरुद्वारे में लंगर का इंतजाम किया था। किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए थे। प्रदर्शन खत्म हो चुका था। किसान लौट रहे थे, तभी केंद्रीय मंत्री के बेटे की पास में ही स्थित कोठी से तीन गाड़ियां निकलीं और किसानों को रौंदते हुए चली गईं। उन्होंने मांग की कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।