मोइत्रा ने दुबे, देहाद्रई और कई सोशल मीडिया मंचों तथा मीडिया प्रतिष्ठानों को उनके खिलाफ कोई भी कथित फर्जी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने, प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोकने का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
संसदीय समिति ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई को 26 अक्तूबर को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी सांसद) महुआ मोइत्रा के खिलाफ सवाल पूछने के बदले धन लेने की शिकायत पर मौखिक साक्ष्य के लिए बुलाया है।
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सचिवालय के एक अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है, "मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि आचार समिति ने उपरोक्त मामले में बृहस्पतिवार, 26 अक्टूबर, 2023 को व्यक्तिगत रूप से आपकी बात सुनने का फैसला किया है।"
दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के बदले एक उद्योगपति से ‘‘रिश्वत’’ लेने का आरोप लगाया है और बिरला से आग्रह किया है कि इन आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया जाए। मोइत्रा ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह "लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उनके (दुबे) खिलाफ लंबित आरोपों के निस्तारण के बाद अपने खिलाफ किसी भी कदम का स्वागत करती हैं।
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मोइत्रा ने दुबे, देहाद्रई और कई सोशल मीडिया मंचों तथा मीडिया प्रतिष्ठानों को उनके खिलाफ कोई भी कथित फर्जी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने, प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोकने का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
दुबे ने बिरला को लिखे पत्र में वकील देहाद्रई से मिले पत्र का हवाला देते हुए कहा कि वकील ने तृणमूल नेता और एक व्यवसायी के बीच रिश्वत की लेन-देन के सबूत साझा किए हैं। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया है कि हाल तक लोकसभा में मोइत्रा द्वारा पूछे गए 61 में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे, जिस पर तृणमूल सांसद ने अकसर कदाचार का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि मोइत्रा एक प्रतिद्वंद्वी व्यवसायी के इशारे पर अडाणी समूह को निशाना बना रही हैं।