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मध्यप्रदेश: इंजीनियर ने छुट्टी के लिए लिखा पत्र, कहा- ओवैसी बाल सखा हैं, संघ प्रमुख भागवत मामा, सीनियर से मिला ये जवाब

Sun, 10 Oct 2021 12:14 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजकुमार यादव ने लिखा कि उन्हें अपने पिछले जन्म का आभास हुआ, जिसमें हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी पिछले जन्म के सखा नकुल थे, वहीं, आरएसएस  प्रमुख मोहन भागवत शकुनी मामा थे। इंजीनियर ने इस पत्र को जनपद पंचायत के ऑफिशियल ग्रुप में डाला दिया। सीईओ ने उसी की भाषा में जवाब दिया है। 
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इंजीनियर की छुट्टी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के मनरेगा में एक इंजीनियर और उनके आलाधिकारी के बीच छुट्टी को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इंजीनियर आत्मा को जानने के लिए रविवार को छुट्टी की मांग कर रहा है, वहीं, जनपद सीईओ ने रविवार को काम करने का आदेश देकर उसी की भाषा में जवाब दिया है। जनपद पंचायत सुसनेर के इस इंजीनियर ने लिखा कि उन्हें अपने पिछले जन्म का आभास हुआ है और वह इसको जानना चाहते हैं, इसलिए उन्हें रविवार को छुट्टी चाहिए। 

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इंजीनियर को पिछले जन्म का हुआ अभास
आगर मालवा जिले में रविवार की छुट्टी के लिए मनरेगा में तैनात इंजीनियर राजकुमार यादव को पिछले जन्म का आभास हुआ है। इस बावत सीईओ को पत्र लिखकर छुट्टी की मांग की है। सुसनेर जनपद में पदस्थ उपयंत्री राजकुमार यादव ने  जनपद सीईओ पराग पंथी को पत्र लिखा। राजकुमार यादव ने लिखा कि उन्हें अपने पिछले जन्म का आभास हुआ, जिसमें हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी पिछले जन्म के सखा नकुल थे, वहीं, आरएसएस  प्रमुख मोहन भागवत शकुनी मामा थे। इंजीनियर ने इस पत्र को जनपद पंचायत के ऑफिशियल ग्रुप में डाला दिया। जिसपर जनपद सीईओ ने उन्हीं की भाषा में दिया है। ग्रुप का यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। 

अहंकार खत्म करने के लिए रविवार को करें काम
जनपद पंचायत सुसनेर के ऑफिशियल ग्रुप में पत्र डलने के बाद जनपद पंचायत के सीईओ पराग पंथी ने भी इंजीनियर की भाषा में ही उसका जवाब भी लिख दिया. उन्होंने लिखा, 'प्रिय उपयंत्री, आप अपना अहंकार मिटाना चाहते हैं यह बहुत प्रसन्नता का विषय है, इसमें हमारा अकिंचन सहयोग भी साधक हो सकता है। यह विचार ही मन में हर्ष उत्पन्न करता है।व्यक्ति प्रायः अहंकार से वशीभूत होकर यह सोचता है कि वह अपने रविवार को अपनी इच्छा से बिता सकता है।
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इस अहंकार को इसके बीजरूप में नष्ट करना आपकी उन्नति के लिए अपरिहार्य है। अतः आपकी आत्मिक उन्नति की अभिलाषा को दृष्टिगत रखते हुए आपको आदेशित किया जाता है कि आप प्रत्येक रविवार कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करें, जिससे रविवार को अवकाश मनाने के आपके अहंकार का नाश हो सके। आपकी आत्मिक उन्नति में साधक बनने की प्रसन्नता के साथ, आपका पराग पंथी (सीईओ, सुसनेर)।'

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