उत्तराखंड: कांग्रेस के सीएम चेहरे हरीश रावत भी नहीं जीत पाए: देवभूमि उत्तराखंड (70 सीट) में मोदी मैजिक के दम पर भाजपा लगातार दूसरी बार सरकार बनाने जा रही है। राज्य में ऐसा करने वाली वह पहली पार्टी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खटीमा में हार से पार्टी को झटका लगा है। 21 साल के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री चुनाव नहीं जीत सका। सीटें भी पिछली बार से 10 कम हुई हैं।
- कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हरीश रावत भी लालकुआं से हार गए। आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला।
- तलाशना होगा नया चेहरा: धामी की हार के बाद भाजपा को सीएम पद के लिए नया चेहरा तलाशना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो छह महीने में किसी विधायक का इस्तीफा दिलाकर धामी को चुनाव लड़ाना पड़ेगा।
मणिपुर: भाजपा ने कायम रखा किला, कुछ सीटों पर कांटे की टक्कर
पूर्वोत्तर में भाजपा ने मणिपुर में बेहतर प्रदर्शन के साथ अपना किला बचाए रखा है। कुछ सीटों पर कांटे की टक्कर दिखी। बवगई सीट पर भाजपा प्रत्याशी महज 50 वोट से जीते। 2017 में भाजपा को 21 सीट पर जीत मिली थी। 60 सीटों की विधानसभा में भाजपा ने 32 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी सुनिश्चित कर ली।
गोवा: सावंत ने किया कमाल मनोहर परिकर के बेटे की हार
भाजपा ने 40 सीटों वाली विधानसभा में 20 सीटों पर जीत हासिल की। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने तीन निर्दलीयों व महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायकों के साथ सरकार बनाने का दावा किया। पूर्व सीएम मनोहर परिकर के बेटे उत्पल परिकर हार गए। वह निर्दलीय खड़े हुए थे।
असम की माजुली सीट पर हुए उपचुनाव में सत्ताधारी भाजपा के प्रत्याशी भुबन गाम ने विपक्षी गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी असम जातीय परिषद के चितरंजन बासुमातारी को 42,141 वोट से हरा दिया। भुबन गाम को 67,242 और बासुमातारी को 25101 वोट मिले। सात मार्च को हुए उपचुनाव के दौरान कुल 1.33 लाख में से 71.76 फीसदी लोगों ने मताधिकार का उपयोग किया। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल के पिछले साल 27 सितंबर को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद खाली हुई थी।