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Assembly Election Results 2022: देश की 20 वीआईपी सीटों का लेखा-जोखा...पुष्कर धामी, चरणजीत चन्नी, केशवप्रसाद मौर्या सहित ये दिग्गज हारे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 10 Mar 2022 09:59 PM IST

सार

इस चुनाव के बीच देश की कुछ चर्चित सीटें हैं जिस पर सबकी निगाहें हैं। हम आपको ऐसी ही 20 बड़ी सीटों के बारे में बता रहे हैं।  
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विधानसभा चुनाव नतीजे 2022 और चर्चित सीटें - फोटो : अमर उजाला

इंतजार की घड़ियां खत्म होने को हैं। आज पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे सबके सामने होंगे। इस चुनाव में कुछ चर्चित सीटें हैं जिन पर सबकी निगाहें हैं। हम आपको ऐसी ही 20 बड़ी सीटों के बारे में बता रहे हैं कि इन पर कौन आगे चल रहा है और कौन पीछे।  

गोरखपुर शहरी : सीएम योगी आदित्यनाथ - (जीत )
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहरी सीट पर जीत गए हैं। सीएम योगी के खिलाफ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने ताल ठोकी थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने सुभावती शुक्ला और बहुजन समाज पार्टी ने ख्वाजा शमसुद्दीन को मैदान में उतारा थी। कांग्रेस की तरफ से डॉ. चेतना पांडेय को प्रत्याशी बनाया गया है। 2017 में यहां से भाजपा के डॉ. राधामोहन जीते थे। 



करहल : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - (जीत) 
मैनपुरी जिले की करहल सीट पर अखिलेश यादव ने जीत हासिल की है। इस चुनाव के दौरान यह सीट काफी चर्चित रही। उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय राज्यमंत्री और एक जमाने में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खास रहे प्रो. एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा था। बघेल ने अखिलेश को अच्छी टक्कर भी दी और 67 हजार वोटों के अंतर ेस हारे। बघेल मुलायम सिंह के पीएसओ भी रह चुके हैं। 2017 में यहां से समाजवादी पार्टी के सोबरन सिंह यादव ने भाजपा की रमा शाक्य को हराया था।  

सिराथू : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (हार)
कौशांबी की सिराथू सीट से उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य हार गए हैं। समाजवादी पार्टी ने पटेल बिरादरी की पल्लवी पटेल को टिकट दिया था जिन्होंने मौर्या को जबरदस्त झटका दिया। सिराथू में पटेल वोटर्स की भूमिका काफी निर्णायक थी। इस सीट को केशव प्रसाद मौर्य के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था। 

रामपुर : सपा नेता आजम खां (जीत)
करीब दो साल से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने रामपुर से जीत दर्ज की है। आजम ने भाजपा के आकाश सक्सेना उर्फ हनी को बड़े अंतर से हराया। बसपा ने यहां से सदाकत हुसैन और कांग्रेस ने काजिम अली खान को उम्मीदवार बनाया था। 

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विधानसभा चुनाव नतीजे 2022 और चर्चित सीटें - फोटो : अमर उजाला
इंतजार की घड़ियां खत्म होने को हैं। आज पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे सबके सामने होंगे। इस चुनाव में कुछ चर्चित सीटें हैं जिन पर सबकी निगाहें हैं। हम आपको ऐसी ही 20 बड़ी सीटों के बारे में बता रहे हैं कि इन पर कौन आगे चल रहा है और कौन पीछे।  

गोरखपुर शहरी : सीएम योगी आदित्यनाथ - (जीत )
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहरी सीट पर जीत गए हैं। सीएम योगी के खिलाफ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने ताल ठोकी थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने सुभावती शुक्ला और बहुजन समाज पार्टी ने ख्वाजा शमसुद्दीन को मैदान में उतारा थी। कांग्रेस की तरफ से डॉ. चेतना पांडेय को प्रत्याशी बनाया गया है। 2017 में यहां से भाजपा के डॉ. राधामोहन जीते थे। 

करहल : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - (जीत) 
मैनपुरी जिले की करहल सीट पर अखिलेश यादव ने जीत हासिल की है। इस चुनाव के दौरान यह सीट काफी चर्चित रही। उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय राज्यमंत्री और एक जमाने में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खास रहे प्रो. एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा था। बघेल ने अखिलेश को अच्छी टक्कर भी दी और 67 हजार वोटों के अंतर ेस हारे। बघेल मुलायम सिंह के पीएसओ भी रह चुके हैं। 2017 में यहां से समाजवादी पार्टी के सोबरन सिंह यादव ने भाजपा की रमा शाक्य को हराया था।  

सिराथू : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (हार)
कौशांबी की सिराथू सीट से उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य हार गए हैं। समाजवादी पार्टी ने पटेल बिरादरी की पल्लवी पटेल को टिकट दिया था जिन्होंने मौर्या को जबरदस्त झटका दिया। सिराथू में पटेल वोटर्स की भूमिका काफी निर्णायक थी। इस सीट को केशव प्रसाद मौर्य के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था। 

रामपुर : सपा नेता आजम खां (जीत)
करीब दो साल से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने रामपुर से जीत दर्ज की है। आजम ने भाजपा के आकाश सक्सेना उर्फ हनी को बड़े अंतर से हराया। बसपा ने यहां से सदाकत हुसैन और कांग्रेस ने काजिम अली खान को उम्मीदवार बनाया था। 

आगरा ग्रामीण : पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्या (जीत) 
आगरा ग्रामीण से भाजपा उम्मीदवार बेबीरानी मौर्या ने जीत हासिल की है। उन्होंने बसपा की किरन प्रभा केसरी को हराया। बेबीरानी उत्तराखंड की राज्यपाल थीं। कुछ समय पहले ही भाजपा ने उन्हें वापस संगठन की जिम्मेदारी दे दी। फिर आगरा ग्रामीण से चुनाव के मैदान में उतारा गया। सपा-रालोद गठबंधन की तरफ से महेश कुमार जाटव को यहां से उम्मीदवार बनाया गया था। बसपा ने किरण प्रभा केसरी और कांग्रेस ने उपेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया। 

जसवंतनगर : प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (जीत)
इटावा की जसवंतनगर सीट से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा के विवेक शाक्य को मात दी। बसपा की तरफ से ब्रजेंद्र प्रताप सिंह मैदान में उतरे थे। 

कन्नौज: पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण (जीत) 
कन्नौज में पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अपनी साख बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की है। चुनाव से ठीक पहले इत्र नगरी कन्नौज पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी रही। यहां से भाजपा ने कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे असीम अरुण को टिकट देकर बड़ा दांव चला था। वहीं, समाजवादी पार्टी ने यहां से अनिल दोहरे को मैदान में उतारा।  

सरोजनी नगर : पूर्व ईडी जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह (जीत)
लखनऊ की सरोजनी नगर सीट इस बार बेहद चर्चित रही। यहां से भाजपा उम्मीदवार ईडी के जॉइंट डायरेक्टर रहे राजेश्वर सिंह ने जीत हासिल की है। राजेश्वर वीआरएस लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें टिकट देने के लिए भाजपा ने योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह का टिकट काट दिया था। राजेश्वर सिंह के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अभिषेक मिश्र को मैदान में उतारा, जो सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। बसपा ने मोहम्मद जलीस खान और कांग्रेस ने रुद्र दमन सिंह पर दांव खेला था।

फाजिलनगर : पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य - (हार) 
योगी सरकार में मंत्री रहे और सपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य हार गए हैं। वह कठिन लड़ाई में फंसे थे और आखिरकार अपनी सीट गंवा बैठे। इस सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुशवाहा ने बड़े अंतर से हराया। दरअसल स्वामी का खेल बसपा ने बिगाड़ा। बसपा ने इस सीट से इलियास अंसारी को प्रत्याशी बनाया था। इलियास पुराने समाजवादी हैं। सपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने भाजपा से आए स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बना दिया। इसी का नतीजा रहा कि इलियास ने बगावत कर दी और बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में कूद पड़े।  

पंजाब की इन बड़ी सीटों पर सबकी नजरें 

भदौड़ और श्री चमकौर साहिब:  सीएम चरणजीत सिंह चन्नी (हार)
पंजाब कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी दो विधानसभा क्षेत्रों श्री चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव लड़ रहे थे और दोनों सीटों से हार गए। चुनाव के दौरान स्टार प्रचारक के तौर उनकी मांग लगातार बनी रही थी। वह हर वर्ग को साधने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन उनका हर दांव नाकाम रहा और दोनों सीटों पर करारी शिकस्त झेलने पर मजबूर हुए। 

जलालाबाद:  पूर्व सीएम सुखबीर बादल (हार) 
जलालाबाद सीट से पूर्व सीएम सुखबीर बादल को बड़ा झटका लगा। उन्हें आम आदमी पार्टी के जगदीप कंबोज ने करारी शिकस्त दी। यहां से 15 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। इनमें से सबसे बड़ा चेहरा अकाली-बसपा गठजोड़ के सीएम चेहरे सुखबीर थे। कांग्रेस ने मोहन सिंह फलियांवाल और आम आदमी पार्टी ने जगदीप कंबोज को टिकट दिया था।  

लंबी : पू्र्व सीएम प्रकाश सिंह बादल (हार)
पंजाब के पांच बार सीएम रह चुके प्रकाश सिंह बादल भी अपनी सीट गंवा बैठे हैं। बादल  94 की उम्र में भी चुनाव मैदान में थे। उन्होंने फिर लंबी से किस्मत आजमाई। बादल देश के सबसे वयोवृद्ध नेताओं में शामिल हैं। आप उम्मीदवार गुरमीत खुडि्डयां ने उन्हें 11 हजार वोटों से हरा दिया। 

अमृतसर पूर्व : नवजोत सिंह सिद्धू (हार)
पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को अमृतसर पूर्व सीट से करारी हार मिली है। आम आदमी पार्टी जीवन ज्योति कौर ने उन्हें हराया। अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया यहां सिद्धू के सामने थे। यहां भाजपा गठबंधन ने जगमोहन सिंह राजू को उम्मीदवार बनाया था। राजू तमिलनाडु कैडर के आईएएस थे। चुनाव से पहले ही उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में एंट्री ली थी। यह सीट सिद्धू व मजीठिया के आमने-सामने होने का कारण चर्चा में रही। दोनों नेता अब तक कोई भी विधानसभा चुनाव नहीं हारे थे।  

धुरी पटियाला - आप नेता भगवंत मान (जीत) 
यहां से आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरे भगवंत मान ने जीत हासिल की है। यहां कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। अकाली दल ने प्रकाश चंद गर्ग और कांग्रेस ने दलवीर सिंह गोल्डी को टिकट दिया था।  

पटियाला शहर: पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह  (हार)
पटियाला शहर से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की हार ने सभी को चौंका दिया। आप उम्मीदवार पूर्व मेयर अजीतपाल कोहली ने उन्हें करारी मात दी। कांग्रेस ने पूर्व मेयर विष्णु शर्मा को यहां से टिकट दिया था। कांग्रेस से अलग होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी बनाई थी। कैप्टन की पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन था। इस बार का चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न रहा। यह चुनाव उनकी भविष्य की राजनीति को तय करेगा। 

उत्तराखंड की हॉट सीटें 

खटीमा: सीएम पुष्कर सिंह धामी  (हार) 
जीत के जश्न के बीच उत्तराखंड की खटीमा विधानसभा सीट से भाजपा को जबरदस्त झटका लगा है। इस सीट से उम्मीदवार सीएम पुष्कम सिंह धामी हार गए हैं। उन्हें कांग्रेस के भुवन चेंद्र कापड़ी ने 6700 वोटों से हराया। धामी को भाजपा हाईकमान ने अचानक ही सीएम घोषित कर हर किसी को चौंका दिया था। उन पर भाजपा को दोबारा सत्ता में लाने की बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने पूरा तो किया लेकिन खुद हार गए। 

लालकुआं: पूर्व सीएम हरीश रावत  (हार) 
काफी ऊहापोह के बाद आखिरकार हरीश रावत उत्तराखंड की लालकुआं सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन उन्हें करारी हार मिली। भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट ने उन्हें 17 हजार वोटों के अंतर से हराया। सीएम चेहरे का एलान नहीं करने पर कांग्रेस हाईकमान से उनकी खटपट हुई और उन्होंने संन्यास लेने का संकेत दे दिया था। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने उनकी सुध ली और वह पूरे जोश के साथ मैदान में उतरे। इसी के साथ प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर मुख्यमंत्री को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सुर बदल गए। उनका कहना था कि हाईकमान ही तय करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा। मतदान खत्म होने के बाद हरीश रावत ने कहा था कि पार्टी की सरकार बनने पर वह या तो मुख्यमंत्री बनेंगे या घर बैठ जाएंगे। 

गंगोत्री: अजय कोठियाल - (हार)  
उत्तराखंड चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी ने भी ताल ठोकी। आप ने कर्नल (रि.) अजय कोठियाल को सीएम उम्मीदवार बनाते हुए उत्तरकाशी के गंगोत्री से टिकट दिया था लेकिन वह बुरी तरह हारे। कोठियाल तीसरे नंबर पर रहे। यहां से भाजपा उम्मीदवार सुरेश सिंह चौहान। कोठियाल ने सेना में 26 साल तक सेवा दी है। इस दौरान उन्हें कई मेडल से नवाजा गया। कर्नल कोठियाल ने केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों में सराहनीय योगदान दिया। वह वर्तमान में देहरादून में रहते हैं।

गोवा की हाई प्रोफाइल सीटें 

संक्वेलिम : सीएम प्रमोद सावंत (जीत)  
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल की है। वह एक बार फिर उत्तरी गोवा के संक्वेलिम से चुनाव मैदान में उतरे थे। वह इस क्षेत्र में दो बार चुने जा चुके हैं। सावंत को गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का कट्टर समर्थक माना जाता रहा है। मनोहर पर्रिकर ने उन्हें गोवा विधानसभा अध्यक्ष का बनाने के लिए अपना पूरा समर्थन दिया था।   

पणजी: उत्पल पर्रिकर (हार) 
गोवा के पूर्व सीएम दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी सीट से हार गए हैं। वह निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। वह महज 716 वोटों से हारे। उनकी लंबे समय भाजपा के साथ तनातनी चलती रही थी और बात नहीं बनने पर उन्होंने अलग चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया था। पूर्व सीएम के पुत्र होने के नाते इस सीट के नतीजे पर सभी की नजरें थीं। 

हेनगांग (मणिपुर) : सीएम एन बीरेन सिंह (जीत) 
एन बीरेन सिंह ने हेनगांग सीट से जीत हासिल की है। वह मणिपुर के बड़े राजनीतिक चेहरों में से एक हैं। एन बीरेन सिंह ने मणिपुर की हेनगांग सीट पर साल 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। इस सीट पर वह लगातार चार बार से विधायक हैं। एन बीरेन सिंह का पूरा नाम नोंगथोम्बम बीरेन सिंह है और वह राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं। 
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