अफगानिस्तान पर तालिबनी हुकूमत का कब्जा होने के बाद से इसका सीधा असर भारत के व्यापार पर नजर आने लगा है। सत्ता बदल होने के बाद से ही तालिबान ने अफगानिस्तान से होने वाले सभी आयात और निर्यात पर रोक लगा दी है। इसका प्रभाव देश के ड्राई फ्रूट्स बाजार पर दिखने लगा है। ड्राई फ्रूट्स के दाम आसमान तक पहुंच गए हैं। दशहरा, दिवाली और शादियों के सीजन को देखते हुए व्यापारी और आम खरीदार भी बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। काबुल से हर साल तीन सौ से चार सौ करोड़ रुपये का कारोबार तो दिल्ली के खारी बावली बाजार से होता है। इसलिए अफगानिस्तान के व्यापारियों के पास एडवांस में ही पैसा भी भेजा गया है लेकिन अब भारतीय व्यापारियों का न तो पैसा वापस मिल रहा है, न ही बदले में ड्राई फ्रूट्स। ऐसे में अब व्यापारियों की परेशानी ज्यादा बढ़ गई है।
देश की सबसे बड़ी ड्राई फ्रूट की मंडी खारी बावाली के व्यापारी संतोष भाई जैन ने अमर उजाला को बताया कि तकरीबन एक महीने से खारी बाबली में अफगानिस्तान के काबुल से आने वाले सामान की आवजाही रुकी हुई है। इससे यहां के बाजार से बदाम, मुनक्का, अंजीर और किशमिश की कमी बनी हुई है। जो बादाम दस दिन पहले 600 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 1000-1100 रुपये में बिक रहा है। अंजीर सिर्फ अफगानिस्तान से आता है। इसका रेट पहले 1000 रुपये प्रति किलो था, अब ये एक झटके में बढ़कर 1500 रुपये तक पहुंच गया है। खारी बाबली ड्राई फ्रूट का सबसे बड़ा थोक बाजार है। इसलिए दूसरे राज्यों में भी अभी पुराने माल ही सप्लाई की जा रही है। जब तक पुराना माल हमारे पास हैं, तब ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगले महीने से मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जबकि आगामी त्योहार के सीजन को देखते हुए लगातार मांग बढ़ रही है।