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NEET-UG: SC के फैसले पर शिक्षा मंत्री प्रधान बोले- सत्यमेव जयते; कहा- मुद्दे पर अराजकता विपक्षी रणनीति का भाग

Tue, 23 Jul 2024 08:46 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेडिकल इंट्रेंस परीक्षा- NEET-UG में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि देश भर में दोबारा परीक्षा नहीं कराई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस बहुप्रतीक्षित फैसले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सत्य की जीत हुई है।
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धर्मेंद्र प्रधान (फाइल) - फोटो : X @dpradhanbjp
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विस्तार
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NEET UG 2024: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर कहा, ‘सत्यमेव जयते’। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार इस मामले में पहले भी कहती रही है कि बड़े पैमाने पर कोई लीक नहीं हुआ, उच्चतम न्यायालय ने इस पर मुहर लगाई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। परीक्षा की पवित्रता हमारे लिए सर्वोच्च है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर कोई भी परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। परीक्षा परिणाम की घोषणा में देरी के सवाल पर प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) दो दिनों के भीतर नीट-यूजी के अंतिम परिणाम घोषित करेगा।
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प्रधान ने इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष नीट मुद्दे पर अराजकता, नागरिकों में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है; ये उसकी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों के अनुसार नीट-यूजी की मेधा सूची में संशोधन किया जाएगा।

गौरतलब है कि नीट यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित करने और परिणामों को रद्द करने से जुड़ी 40 से अधिक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने विवादों से घिरे NEET-UG 2024 को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग वाली याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया और कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई डेटा नहीं है जो प्रश्नपत्र के व्यवस्थित रूप से लीक होने और अन्य गड़बड़ियों का संकेत दे।
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सीजेआई ने कहा, "इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कोई सामग्री नहीं है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा का परिणाम खराब है या इसमें व्यवस्थागत उल्लंघन हुआ है।" 

पीठ ने बीस लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले के ऑपरेटिव हिस्से को लिखा और कहा कि एक विस्तृत फैसला बाद में सुनाया जाएगा।

हालांकि, पीठ ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटना हजारीबाग और पटना में हुई थी, इस पर कोई विवाद नहीं है। एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 5 मई को आयोजित परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक से लेकर नकल तक कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर छात्रों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहे हैं।
 
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