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Karnataka: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री नागेंद्र गिरफ्तार; वाल्मीकि निगम मामले में ED ने कसा शिकंजा

Fri, 12 Jul 2024 11:04 AM IST
श्वेता महतो न्यूज जेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री नागेंद्र को धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है।

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पुलिस की गिरफ्त में बी. नागेंद्र - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर्नाटक में करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी नागेंद्र को 13 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने बताया कि नागेंद्र को रात करीब साढ़े दस बजे एजेंसी के दफ्तर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें सुबह उनके आवास से ईडी दफ्तर ले जाया गया था। ईडी के अधिकारी नागेंद्र को शनिवार को विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश कर सकते हैं। ईडी पूछताछ के लिए नागेंद्र को हिरासत में लेने की मांग करेगी।
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गौरतलब है कि अपने ऊपर लगे घोटाले के आरोपों के बाद नागेंद्र ने छह जून को अपना इस्तीफा दे दिया। वह अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री थे। नागेंद्र की गिरफ्तारी से पहले ईडी के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक समेत चार राज्यों में छापेमारी की थी और अब तक करीब 50 लाख रुपये नकद और कुछ दस्तावेज भी जब्त किए।

घोटाले की बात कैसे सामने आई; 187 करोड़ अनधिकृत ट्रांसफर का आरोप
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में पैसों के हेरफेर का मामला संस्था के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की आत्महत्या के बाद सामने आया था। चंद्रशेखरन ने 26 मई को आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से चंद्रशेखरन द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि निगम के बैंक खाते से 187 करोड़ रुपए का अनधिकृत ट्रांसफर किया गया है। उसमें से 88.62 करोड़ रुपए अवैध रूप से अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। खाते कथित रूप से प्रसिद्ध आईटी कंपनियों और हैदराबाद में स्थित एक सहकारी बैंक के हैं।

ADG मनीष खरबीकर की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन
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अपनी चिट्ठी में चंद्रशेखरन ने निगम के प्रबंध निदेशक जेजी पद्मनाभ (जो फिलहाल निलंबित है), अकाउंट अफसर परशुराम जी दुरुगन्नावर और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य प्रबंधक सुचिस्मिता रावल के नाम का जिक्र किया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मंत्री ने उन्हें मौखिक रूप से रूपये ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) में आर्थिक अपराध के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष खरबीकर की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है।

निगम के धन गबन मामले में सीबीआई को मिली शिकायत
कर्नाटक सरकार की तरफ से गठित एसआईटी की टाम ने मंगलवार को इस मामले में नागेंद्र और दद्दल से पूछताछ की। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी एमजी रोड शाखा से जुड़े निगम के धन गबन मामले में सीबीआई में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद एजेंसी ने जांच शुरू की। 

चार राज्यों के 20 ठिकानों पर छापेमारी
गिरफ्तारी से पहले पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय लाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक नागेंद्र ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "मुझे मेरे घर से यहां लाया गया। मुझे कुछ भी नहीं मालूम।" बता दें कि ईडी पिछले दो दिनों से कई अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं, जिसमें नागेंद्र और सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक बसनगौड़ा दद्दल का परिसर भी शामिल है। एजेंसी ने कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के 20 इलाकों में छापेमारी की।  
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